Summer Express,पानीपत |हरियाणा के औद्योगिक शहर पानीपत में सुरक्षा मानकों की भारी लापरवाही ने दो सगे चचेरे भाइयों की जान ले ली। जलालपुर रोड स्थित मयूर टेक्सटाइल फैक्ट्री में सफाई के दौरान शिवम (19) और नितिन (18) दम घुटने से मृत पाए गए। दोनों युवक उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना क्षेत्र के गांव जंधेड़ी के रहने वाले थे और रोजाना परिवार का सहारा बनने के लिए पानीपत मजदूरी करने आते थे।
मृतकों को करीब 20 फीट गहरे केमिकल टैंक की सफाई का काम सौंपा गया। फैक्ट्री प्रबंधन और ठेकेदार ने उन्हें कोई सुरक्षा किट, मास्क या ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं दिया। टैंक में जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण दोनों बेहोश होकर गिर पड़े।
वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उनके साथियों ने उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन प्रयास नाकाम रहा। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ दृश्य में एक दोस्त बेसुध युवक को सीपीआर देते हुए और बार-बार कहता दिखाई दे रहा है, “उठ जा मेरे भाई…”
पीड़ित परिवार ने फैक्ट्री मालिक और ठेकेदार पर आरोप लगाते हुए इसे दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या बताया। उनका कहना है कि खतरनाक केमिकल टैंकों की सफाई के लिए सुरक्षा किट और विशेष मशीनरी अनिवार्य है, लेकिन लागत बचाने के चक्कर में मजदूरों की जान जोखिम में डाली गई।
पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पानीपत में इस तरह की पहली घटना नहीं है। पहले भी गोरजा इंटरनेशनल फैक्ट्री में इसी प्रकार के हादसे में मजदूरों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रहे ये हादसे औद्योगिक सुरक्षा मानकों और श्रम कानूनों की गंभीर अनदेखी को उजागर करते हैं।