Summer Express, सोनीपत | सोनीपत में पांचाल समाज के पूर्व प्रधान लक्ष्मण सिंह पांचाल ने अपने जीवन के साथ-साथ मृत्यु के बाद भी समाज सेवा की मिसाल पेश की। उन्होंने जीवित रहते हुए ही इच्छा जताई थी कि उनके निधन के बाद उनकी आंखें दान कर दी जाएं, ताकि किसी जरूरतमंद नेत्रहीन व्यक्ति के जीवन में रोशनी लाई जा सके।
89 वर्ष की आयु में उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी इस अंतिम इच्छा को पूरा किया। उनकी पत्नी किशनी देवी ने तुरंत दृष्टि सेवा समिति से संपर्क कर नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी करवाई। इस पुनीत कार्य के माध्यम से उन्होंने अपने पति की सोच और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को साकार किया।
परिवार के सदस्य अजय पांचाल ने बताया कि स्वर्गीय लक्ष्मण सिंह पांचाल लंबे समय तक पांचाल समाज के प्रमुख और प्रभावशाली चेहरों में रहे। उन्होंने करीब 32 वर्षों तक समाज का नेतृत्व करते हुए संगठन को मजबूत बनाने, सामाजिक एकता बढ़ाने और समाज के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
समाज में उनकी पहचान एक जागरूक, समर्पित और कर्मठ सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में थी। उनके निधन से समाज को गहरा आघात पहुंचा है, लेकिन नेत्रदान के इस सराहनीय कदम ने उनके व्यक्तित्व को और भी महान बना दिया।
उनकी इस पहल ने यह संदेश दिया है कि इंसान अपने जाने के बाद भी दूसरों के जीवन में उजाला भर सकता है और मानवता की सेवा का सिलसिला कभी खत्म नहीं होता।