शिमला, 09 अप्रैल : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे सुधारों की समीक्षा की गई। बैठक में हिमकेयर योजना को और अधिक पारदर्शी, सशक्त और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के लिए किए गए महत्वपूर्ण सुधारों की जानकारी दी गई।
सुधारों के अनुसार, हिमकेयर योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में क्लेम का भुगतान अस्पताल द्वारा प्रस्तुत किए गए वास्तविक व्यय और निर्धारित पैकेज दरों में से जो कम हो, उसी आधार पर किया जाएगा। क्लेम के साथ अस्पतालों द्वारा वास्तविक खर्च के बिल जमा करना अनिवार्य होगा। इसमें पंजीकरण शुल्क, बैड चार्ज, नर्सिंग एवं बोर्डिंग शुल्क शामिल नहीं होंगे।इसके अतिरिक्त, सर्जन, एनेस्थेटिस्ट, चिकित्सक, परामर्शदाता, एनेस्थीसिया, ब्लड ट्रांसफ्यूजन, ऑक्सीजन, ऑपरेशन थियेटर शुल्क, शल्य उपकरण, दवाइयां एवं मरीज के भोजन के प्रतिपूर्ति दावे भी बिलों का हिस्सा नहीं होंगे। सरकार इन मदों के लिए अलग से बजट उपलब्ध कराएगी, जिससे पहले पैकेज और बजट के दोहरे भुगतान की स्थिति समाप्त होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सुधार से सरकारी अस्पतालों में पैकेज भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और मरीज़ों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ रूप से मिलेंगी। हिमकेयर योजना के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 4.33 लाख परिवार पंजीकृत हैं, जो योजना के तहत पंजीकृत सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क चिकित्सा सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।सुक्खू ने विभाग को निर्देश दिए कि मरीज़ों को आधुनिक, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जाए और योजना के क्रियान्वयन में निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाए।