Summer Express, नई दिल्ली। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बाद देश के 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की संयुक्त मतदाता सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इस प्रक्रिया के तहत करीब 6.08 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।
चुनाव आयोग और संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के आंकड़ों के अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया से पहले इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल मतदाता संख्या लगभग 51 करोड़ थी, जो अब घटकर करीब 44.92 करोड़ रह गई है।
इस चरण में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश, गोवा सहित पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप की मतदाता सूचियां शामिल रहीं।
आंकड़ों के अनुसार, प्रतिशत के आधार पर गुजरात में सबसे अधिक 13.40% मतदाता घटे, जबकि उत्तर प्रदेश 13.24% की गिरावट के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में 11.77%, पश्चिम बंगाल में 11.61%, तमिलनाडु में 11.55%, गोवा में 10.76%, मध्य प्रदेश में 5.97%, राजस्थान में 5.74% और केरल में 3.22% मतदाता कम हुए हैं।
जिलावार आंकड़ों में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में सबसे ज्यादा 9.14 लाख से अधिक नाम हटाए गए, जबकि प्रयागराज, कानपुर, आगरा और गाजियाबाद जैसे जिलों में भी बड़ी संख्या में मतदाता सूची से नाम कम हुए हैं।
विधानसभा क्षेत्रों में साहिबाबाद, नोएडा और लखनऊ उत्तर जैसे क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
पश्चिम बंगाल में इस प्रक्रिया के दौरान लगभग 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, यह संशोधन अभियान मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से चलाया गया था।
आयोग के अनुसार, यह प्रक्रिया अभी जारी है और अगले चरण में शेष राज्यों में भी मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जाएगा।