Summer express, चेन्नई | तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गुरुवार को प्रस्तावित परिसीमन विधेयक के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन किया और विधेयक की एक प्रति जलाकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। साथ ही उन्होंने राज्यभर में काले झंडे फहराकर आंदोलन की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री स्टालिन ने इस विधेयक को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी प्रतिक्रिया दी और इसे लेकर तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में परिसीमन के खिलाफ जनभावना को व्यापक रूप से फैलाया जाएगा और इसे केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा। उन्होंने अपने बयान में इसे ‘फासीवादी रवैये’ से जोड़ते हुए द्रविड़ एकता की बात कही।
विरोध प्रदर्शन के दौरान स्टालिन ने प्रस्तावित ‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026’ को लेकर भी नाराजगी जताई। इस विधेयक में परिसीमन के जरिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों की संरचना में बदलाव का प्रस्ताव शामिल है। स्टालिन ने आरोप लगाया कि यह कदम दक्षिणी राज्यों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को प्रभावित कर सकता है।
राज्य के कई हिस्सों में भी इस विरोध का असर देखने को मिला। तिरुचिरापल्ली के थेन्नूर इलाके में तमिलनाडु के मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी के आवास पर काले झंडे लगाए गए, जहां कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री ने इसे तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा के लिए ‘सामूहिक संघर्ष’ करार दिया और लोगों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्र सरकार इस प्रस्तावित विधेयक पर पुनर्विचार नहीं करती।
वहीं विपक्षी दलों की ओर से भी इस परिसीमन प्रस्ताव को लेकर लगातार विरोध दर्ज कराया जा रहा है। हाल ही में संसद के विशेष सत्र और विधेयक लाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए हैं, जिससे राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।