Summer Express,सोनीपत | सोनीपत में अवैध रेत खनन के कारण यमुना नदी का प्रवाह बेकाबू हो गया है, जिससे करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार जाजल रेनीवेल प्रोजेक्ट गंभीर खतरे में आ गया है। बागपत क्षेत्र में हो रहे अनियंत्रित खनन के चलते नदी ने अपना प्राकृतिक रास्ता बदल लिया है और अब उसका बहाव सोनीपत की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि यमुना का पानी जाजल गांव स्थित रेनीवेल प्रोजेक्ट से मात्र कुछ मीटर की दूरी पर पहुंच गया है। लगातार हो रहा कटाव न केवल प्रोजेक्ट की सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है, बल्कि शहर की पेयजल आपूर्ति पर भी बड़ा संकट मंडरा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, बागपत क्षेत्र में लाइसेंसधारी खनन ठेकेदारों द्वारा नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर रेत निकासी की जा रही है। इसके चलते यमुना की धारा को कृत्रिम रूप से मोड़ दिया गया, जिससे पानी अब खेतों और किनारों को काटते हुए सोनीपत की दिशा में बढ़ रहा है।
इस स्थिति ने स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ा दी है। गढ़ मिरकपुर और जाजल क्षेत्र में किसानों की उपजाऊ जमीन लगातार कटाव में बह रही है, जिससे उनकी आजीविका पर भी संकट गहरा गया है।
सिंचाई विभाग ने इस गंभीर स्थिति को लेकर पहले ही बागपत प्रशासन को पत्र लिखकर चेतावनी दी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अधिकारियों के अनुसार, यदि जल्द ही यमुना के कटाव को नियंत्रित नहीं किया गया तो रेनीवेल प्रोजेक्ट को भारी नुकसान हो सकता है और सोनीपत में जल संकट गहरा सकता है।
फिलहाल, मौके पर न तो कटाव रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम हैं और न ही स्थायी समाधान की कोई ठोस व्यवस्था दिखाई दे रही है। स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।