Summer express, नई दिल्ली | देश के आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में मार्च 2026 के दौरान 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह पिछले पांच महीनों में पहली बार है जब इस क्षेत्र में नकारात्मक वृद्धि देखने को मिली है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कोयला, कच्चा तेल, उर्वरक और बिजली उत्पादन में कमी इस गिरावट का मुख्य कारण रही। इससे पहले फरवरी 2026 में इन उद्योगों का उत्पादन 2.8 प्रतिशत की दर से बढ़ा था।
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर घटकर 2.6 प्रतिशत रह गई, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में 4.5 प्रतिशत थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रमुख क्षेत्रों में उत्पादन में आई सुस्ती का असर समग्र औद्योगिक विकास पर पड़ सकता है, क्योंकि बुनियादी उद्योग अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं।