Summer express, भिवानी । प्रदेश के कई जिलों में आए तेज अंधड़ और बारिश ने व्यापक नुकसान पहुंचाया। गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से सड़कों पर पेड़ गिर गए, बिजली व्यवस्था ठप हो गई और अनाज मंडियों में रखा गेहूं भी भीग गया।
भिवानी में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला, जहां 450 से अधिक पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए और करीब 250 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इसके चलते भिवानी-जींद, भिवानी-तोशाम, भिवानी-दिनोद और भिवानी-महम मार्ग कई स्थानों पर अवरुद्ध हो गए। लोगों को वैकल्पिक रास्तों से लंबी दूरी तय करनी पड़ी। बिजली विभाग को भी बड़ा नुकसान हुआ है—75 से अधिक ट्रांसफार्मर खराब हो गए हैं, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। अधिकारियों का कहना है कि व्यवस्था बहाल करने में 24 से 35 घंटे लग सकते हैं।
टोहाना में इस खराब मौसम के बीच एक दर्दनाक हादसा भी सामने आया। चंदड़ खुर्द गांव के पास ड्यूटी से घर लौट रहे जल विभाग के ट्यूबवेल ऑपरेटर आदेश कुमार (39) की पेड़ की टहनी गिरने से मौत हो गई। वे स्कूटी से घर लौट रहे थे, तभी तेज हवा के कारण पेड़ की भारी शाखा टूटकर उन पर गिर गई। राहगीरों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उनके परिवार में पत्नी और दो छोटी बेटियां हैं।
वहीं झज्जर और गोहाना में बारिश का असर अनाज मंडियों पर पड़ा। झज्जर में खुले में रखा गेहूं भीग गया, जबकि नीलाहेड़ी गांव में बिजली गिरने से एक टेंट हाउस गोदाम में आग लग गई और एक घर का सोलर सिस्टम भी जल गया। गोहाना में मंडी परिसर में पानी भर गया, जिससे करीब 1 लाख बैग गेहूं खराब होने की आशंका जताई जा रही है।
मंडी में करीब 30 लाख बैग गेहूं की आवक हो चुकी है, लेकिन अब तक केवल 45 प्रतिशत का ही उठान हो पाया है। किसानों और आढ़तियों ने प्रशासन से जल्द उठान तेज करने और जल निकासी की व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
तेज अंधड़ और बारिश के चलते कई इलाकों में बिजली गुल रही और जनजीवन प्रभावित हुआ। प्रशासन की टीमें राहत एवं बहाली कार्य में जुटी हुई हैं।