मंडी-: जयराम ठाकुर ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, शौर्य और बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मंडी में जारी बयान में उन्होंने कहा कि यह अभियान भारत की सैन्य क्षमता, राष्ट्रीय संकल्प और मजबूत नेतृत्व का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा।
जयराम ठाकुर ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने बेहद कम समय में आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त कर अपनी रणनीतिक क्षमता और तीनों सेनाओं के मजबूत समन्वय का परिचय दिया। उन्होंने इसे ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की सफलता बताते हुए कहा कि स्वदेशी तकनीक और रक्षा उपकरणों ने मिशन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भारतीय सेना का साहस और समर्पण ही देश की सुरक्षा की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने देशवासियों से सेना के प्रति सम्मान और एकजुटता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्र हमेशा अपने जवानों के साथ खड़ा है। इस दौरान उन्होंने सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका की भी सराहना की और कहा कि महिला सैन्य अधिकारियों ने देश का गौरव बढ़ाया है।इसके अलावा जयराम ठाकुर ने मंडी में खेल जगत की उभरती प्रतिभाओं को सम्मानित किया। उन्होंने नेपाल के काठमांडू में आयोजित सातवीं एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली सराज क्षेत्र की होमानी और मंडी के कोटली की रेखा को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल और देश का नाम रोशन किया है तथा उनकी उपलब्धियां युवाओं के लिए प्रेरणा बनेंगी।