Summer express/शिमला, संजू -:शिमला में सेहब कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। बढ़ते कचरे और लोगों की परेशानी को देखते हुए नगर निगम ने अब वैकल्पिक व्यवस्था लागू की है। शहर के अलग-अलग वार्डों में फोकल प्वाइंट बनाए गए हैं, जहां से गाड़ियों के माध्यम से कचरा उठाया जा रहा है। इस बीच शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने हड़ताली कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा, लेकिन इसके लिए एजीएम का आयोजन जरूरी है।
महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर निगम लगातार प्रयास कर रहा है। सभी वार्डों में फोकल प्वाइंट स्थापित किए गए हैं और वहां से वाहनों के जरिए कचरा उठाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पार्षदों और स्थानीय लोगों का भी निगम को पूरा सहयोग मिल रहा है, जिससे व्यवस्था संभालने में मदद मिल रही है।महापौर ने सेहब कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने की अपील करते हुए कहा कि कर्मचारियों की 10 प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी की मांग पर फैसला एजीएम में ही लिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले करीब 10 वर्षों से एजीएम आयोजित नहीं हुई है, इसलिए प्रक्रिया पूरी होने में थोड़ा समय लगेगा।उन्होंने कहा कि नगर निगम ने कर्मचारियों के हित में कई फैसले लिए हैं। पहली बार कर्मचारियों के लिए 30 लाख रुपये तक का बीमा करवाया गया है। इसके अलावा दिवाली बोनस को बढ़ाकर 2000 रुपये किया गया है और कर्मचारियों के अवकाश में भी बढ़ोतरी की गई है। महापौर ने उम्मीद जताई कि कर्मचारी जल्द काम पर लौटेंगे ताकि शहर की सफाई व्यवस्था सामान्य हो सके।