Summer express/ सोलन, भूपेन्द्र: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में जंगलों में लगी आग अब पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। शहर के आसपास के कई वन क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से आग धधक रही है,जिसके चलते पूरा इलाका धुएं की चादर में लिपट गया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि सुबह और शाम के समय आसमान धुंधला दिखाई दे रहा है तथा लोगों को सांस लेने में परेशानी महसूस हो रही है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक सोलन का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 112 दर्ज किया गया है, जो सामान्य स्तर से काफी अधिक है। तुलना करें तो राजधानी दिल्ली का AQI शुक्रवार को 95 रहा। विशेषज्ञों के अनुसार 100 से ऊपर AQI स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक माना जाता है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और दमा के मरीजों के लिए।शहर में बढ़ते धुएं के कारण आंखों में जलन, गले में खराश और सांस संबंधी दिक्कतों के मामले भी बढ़ने लगे हैं,जानकारी के अनुसार बड़ोग, देवठी, जौणाजी और कसौली के जंगलों में आग लगातार फैलती जा रही है। वन विभाग की टीमें आग बुझाने में जुटी हैं, लेकिन तेज हवाओं और सूखे मौसम के कारण आग पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पाया जा सका है। हर साल विभाग आग से निपटने के दावे करता है, लेकिन इस बार व्यवस्थाएं कमजोर नजर आ रही हैं।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया, तो वन संपदा के साथ-साथ मानव जीवन भी गंभीर संकट में पड़ सकता है।