Summer express/शिमला, संजू-: अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 के दौरान इस बार हिमाचल की पारंपरिक खानपान संस्कृति को विशेष मंच मिलने जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा पहली बार ‘शिमला पहाड़ी स्वाद महोत्सव’ आयोजित किया जा रहा है, जिसके तहत रिज मैदान स्थित रानी झांसी पार्क में 8 से 12 जून तक पारंपरिक हिमाचली व्यंजनों के स्टॉल सजेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के स्थानीय स्वाद को बढ़ावा देना और महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक रुचि ठाकुर ने बताया कि महोत्सव में केवल महिलाओं को ही स्टॉल लगाने की अनुमति दी गई है। इसमें स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमियों, होम शेफ, महिलाओं द्वारा संचालित कैफे एवं रेस्तरां, स्टार्टअप और सहकारी समितियों को भागीदारी का अवसर मिलेगा। इच्छुक प्रतिभागियों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 1 जून निर्धारित की गई है, जबकि पंजीकरण शुल्क 500 रुपये रखा गया है।
महोत्सव के दौरान पर्यटकों और स्थानीय लोगों को एक ही स्थान पर हिमाचल के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर मिलेगा। इनमें सिड्डू, मदरा, बबरू, पतरोडे, चिलड़ा, मीठा भात, सेपू बड़ी, माश की दाल, खट्टा और कोदरा की रोटी जैसे लोकप्रिय व्यंजन शामिल होंगे। इसके साथ ही शुद्ध पहाड़ी घी, स्थानीय अचार-चटनियां, जंगली शहद और विभिन्न ऑर्गेनिक उत्पाद भी बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे।प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशासन की ओर से विशेष पुरस्कार भी घोषित किए गए हैं। सबसे स्वादिष्ट और आकर्षक व्यंजन प्रस्तुत करने वाले तीन स्टॉलों को कुल 51 हजार रुपये तक के नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा चयनित प्रतिभागियों के लिए 3 जून को कुफरी स्थित होटल प्रबंधन संस्थान में पाक कला प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जहां उनके कौशल का मूल्यांकन किया जाएगा।प्रशासन का मानना है कि यह आयोजन हिमाचल की पारंपरिक खाद्य विरासत को व्यापक पहचान दिलाने के साथ-साथ महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। समर फेस्टिवल में आने वाले हजारों देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए पहाड़ी स्वाद महोत्सव आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनने की उम्मीद है।