Summer express/हमीरपुर, अरविंद -: पंचायतीराज और नगर निकाय चुनावों के नतीजों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। भाजपा के वरिष्ठ प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने हमीरपुर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि चुनाव परिणामों ने कांग्रेस सरकार के प्रति जनता की नाराजगी को उजागर कर दिया है और मुख्यमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
भाजपा नेताओं ने हमीरपुर जिला में जिला परिषद और बीडीसी चुनावों में पार्टी को मिली सफलता पर जनता का आभार व्यक्त किया। राणा ने दावा किया कि जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस को बड़ी निराशा हाथ लगी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिला हमीरपुर में जिला परिषद की 19 सीटों में से कांग्रेस केवल एक सीट जीतने में सफल रही, जो जनता के बदलते राजनीतिक रुझान को दर्शाता है। उनके अनुसार, यह परिणाम प्रदेश सरकार की नीतियों के प्रति लोगों की असंतुष्टि का संकेत हैं।प्रेस वार्ता के दौरान विधायक इंद्र दत्त लखनपाल, विधायक आशीष शर्मा, जिला भाजपा अध्यक्ष राकेश ठाकुर, जिला महामंत्री अजय रिंटू, पूर्व विधायक विजय अग्निहोत्री और भाजपा मीडिया प्रभारी विक्रमजीत वनियाल सहित कई पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश में पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर सरकार पहले अनिच्छुक दिखाई दे रही थी और विभिन्न कारणों का हवाला दिया जा रहा था। लेकिन जब चुनाव हुए तो परिणाम भाजपा के पक्ष में आए, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि जनता का भरोसा कांग्रेस से कम हुआ है। उन्होंने दावा किया कि बीडीसी और अन्य स्थानीय निकायों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को व्यापक समर्थन मिला है तथा पार्टी कई स्थानों पर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर भी अपना कब्जा बनाएगी।
नगर निगम चुनावों का उल्लेख करते हुए राणा ने कहा कि चार में से तीन नगर निगमों में भाजपा को सफलता मिली है, जबकि कांग्रेस अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी।उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों और महिलाओं से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है, जिसके कारण जनता में निराशा बढ़ी है।भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री का पद पूरे प्रदेश की जनता के विश्वास का प्रतीक होता है।ऐसे में यदि जनता का समर्थन लगातार घटता दिखाई दे रहा है तो सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों से यह संदेश मिला है कि प्रदेश के लोग सरकार के कार्यों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं।
वहीं, चुनावों के दौरान पार्टी समर्थित उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले नेताओं पर कार्रवाई के सवाल पर राणा ने बताया कि संबंधित मामलों को अनुशासन समिति के पास भेजा गया है। उन्होंने कहा कि इस विषय में अंतिम निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा। साथ ही, जिन नेताओं की भविष्य में पार्टी में वापसी को लेकर चर्चा है, उस पर भी अंतिम फैसला हाईकमान द्वारा ही लिया जाएगा।भाजपा ने इन चुनावी नतीजों को जनता के समर्थन का प्रमाण बताते हुए आने वाले राजनीतिक मुकाबलों के लिए इसे महत्वपूर्ण संकेत माना है।