मंडी/शिमला- धर्मवीर -:हिमाचल प्रदेश के दो वीर सपूतों को उनकी असाधारण बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र सेवा के लिए देश के प्रतिष्ठित सैन्य अलंकरण वीर चक्र से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मकरीड़ी (मंडी) के नायब सूबेदार सतीश कुमार तथा शिमला जिले के जुब्बल क्षेत्र के फ्लाइट लेफ्टिनेंट अर्शवीर सिंह ठाकुर को यह सम्मान प्रदान किया। दोनों सैनिकों की उपलब्धि
से पूरे प्रदेश में गर्व और उत्साह का माहौल है।
मंडी जिले के जोगिंद्रनगर उपमंडल की मकरीड़ी पंचायत के समोहली गांव निवासी नायब सूबेदार सतीश कुमार वर्तमान में चौथी बटालियन डोगरा रेजिमेंट में सेवाएं दे रहे हैं। उन्हें दुश्मन की गोलीबारी के बीच साहसिक कार्रवाई, उत्कृष्ट पेशेवर दक्षता और कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया है। सतीश कुमार के पिता नंद लाल पूर्व सैनिक हैं, जबकि माता कृष्णा देवी गृहिणी हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती पंजाब के अबोहर में है। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी की लहर है और लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं।
वहीं, भारतीय वायु सेना के फ्लाइट लेफ्टिनेंट अर्शवीर सिंह ठाकुर को ऑपरेशन सिंदूर में प्रदर्शित अदम्य साहस और उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए वीर चक्र प्रदान किया गया है। शिमला जिले के जुब्बल क्षेत्र के जखोड़ गांव से संबंध रखने वाले अर्शवीर सिंह को वर्ष 2019 में भारतीय वायु सेना की फ्लाइंग शाखा में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन मिला था। वह वर्तमान में सुखोई-30 एमकेआई स्क्वाड्रन का हिस्सा हैं।वीर चक्र के लिए जारी प्रशस्ति विवरण के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अर्शवीर सिंह ने दुश्मन के अत्यधिक सुरक्षित क्षेत्र में बिना एस्कॉर्ट वाले स्ट्राइक मिशन का नेतृत्व किया। शक्तिशाली वायु रक्षा प्रणालियों और लगातार खतरे के बावजूद उन्होंने रात के समय कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए अपनी फॉर्मेशन का सफल नेतृत्व किया और निर्धारित लक्ष्यों पर सटीक हमला किया। मिशन के दौरान उनकी आक्रामक रणनीति और साहसिक पैंतरेबाजी ने दुश्मन को पूरी तरह असमंजस में डाल दिया, जिससे महत्वपूर्ण लक्ष्य सफलतापूर्वक ध्वस्त किए गए।अर्शवीर सिंह के पिता नरवीर सिंह ठाकुर हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड से सेवानिवृत्त हैं, जबकि माता अमरजीत कौर सरकारी विद्यालय में शारीरिक शिक्षिका हैं। हिमाचल के इन दोनों वीर सपूतों ने अपने साहस और समर्पण से न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया है।