Summer express, जालंधर। शहर में एक महिला डॉक्टर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतका की पहचान डॉ. मीनाक्षी के रूप में हुई है, जो कपूरथला के एक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत थीं। मामले में पुलिस ने मृतका के पिता के बयान के आधार पर उनके पति डॉ. पीयूष के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, डॉ. मीनाक्षी पिछले करीब एक वर्ष से अपने पति से अलग रह रही थीं और जालंधर के केवल विहार स्थित घर में अकेली रहती थीं। घटना का पता उस समय चला जब उनकी एक सहकर्मी रोजाना की तरह उन्हें ड्यूटी पर साथ ले जाने के लिए घर पहुंची। कई बार आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला तो पड़ोसियों को बुलाया गया। इसके बाद खिड़की का शीशा तोड़कर अंदर देखा गया, जहां डॉ. मीनाक्षी बेसुध अवस्था में पड़ी मिलीं। सूचना मिलते ही पुलिस और परिजन मौके पर पहुंच गए।
मौत के कारणों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तीन डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड गठित किया गया है, जो पोस्टमार्टम कर रिपोर्ट तैयार करेगा।
मृतका के पिता प्रमोद ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी वैवाहिक जीवन में लंबे समय से मानसिक और आर्थिक दबाव का सामना कर रही थी। उनका कहना है कि दामाद ने मीनाक्षी के नाम पर भारी रकम का कर्ज लिया था, जिसकी किश्तें उनकी बेटी चुका रही थी। परिवार का आरोप है कि हाल ही में जब मीनाक्षी ने अपना घर खरीदने के लिए बैंक से संपर्क किया तो उसे अपने नाम पर बड़े कर्ज की जानकारी मिली, जिसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ गया था।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि डॉ. पीयूष के अस्पताल में कार्यरत एक महिला कर्मचारी के साथ करीबी संबंध थे, जिसके चलते दंपती के रिश्तों में तनाव आ गया था। परिवार का दावा है कि इसी वजह से डॉ. मीनाक्षी पति से अलग रह रही थीं। उन्होंने पुलिस को कुछ कथित साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध कराने की बात कही है।
मृतका की मां ने भी मामले में गंभीर संदेह जताते हुए कहा कि परिवार को अभी मौत के वास्तविक कारणों की जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्यों और परिवार के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।