Summer express/राहुल चावला, धर्मशाला-:भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले से पहले भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने टीम की तैयारियों, युवा खिलाड़ियों की भूमिका और विपक्षी टीम की चुनौती को लेकर खुलकर बात की। धर्मशाला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि भारतीय टीम हर परिस्थिति के लिए तैयार है और किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में लेने की गलती नहीं करेगी।मोर्कल ने कहा कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है और हाल के समय में उभरकर आए युवा खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन का लक्ष्य केवल मौजूदा सीरीज तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों और महत्वपूर्ण दौरों को ध्यान में रखते हुए मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार करना भी है।
जसप्रीत बुमराह को लेकर पूछे गए सवाल पर मोर्कल ने कहा कि टीम लगातार ऐसे विकल्प तैयार करने पर काम कर रही है जो जरूरत पड़ने पर बड़ी जिम्मेदारी संभाल सकें। इसी सोच के तहत युवा खिलाड़ियों गुरनूर और प्रिंस को टीम का हिस्सा बनाया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों खिलाड़ी मिले अवसरों का भरपूर फायदा उठाएंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित करेंगे।विराट कोहली की अनुपस्थिति को लेकर मोर्कल ने स्वीकार किया कि उनके जैसा अनुभवी खिलाड़ी किसी भी टीम के लिए महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि विराट मध्यक्रम में स्थिरता और अनुभव प्रदान करते हैं, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी अन्य खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी लेकर आती है। मोर्कल के अनुसार भारतीय टीम में पर्याप्त प्रतिभा मौजूद है और कई खिलाड़ी इस जिम्मेदारी को निभाने की क्षमता रखते हैं।उन्होंने कहा कि ईशान किशन, केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल और अन्य बल्लेबाजों के पास टीम में अपनी भूमिका मजबूत करने का अच्छा मौका है। ऐसे अवसर खिलाड़ियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और टीम को भविष्य के लिए अधिक मजबूत बनाते हैं।
हार्दिक पांड्या की भूमिका पर बोलते हुए मोर्कल ने कहा कि वह भारतीय टीम के सबसे अहम ऑलराउंडरों में से एक हैं। उनकी मौजूदगी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में संतुलन देती है। हालांकि, टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ियों को भी पर्याप्त अवसर देना चाहता है ताकि वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मांगों और दबाव को समझ सकें।
अफगानिस्तान को लेकर मोर्कल ने विशेष सतर्कता दिखाई। उन्होंने कहा कि हाल ही में अफगानिस्तान ने दक्षिण अफ्रीका जैसी मजबूत टीम को हराकर अपनी क्षमता साबित की है। अफगान खिलाड़ी लगातार बेहतर क्रिकेट खेल रहे हैं और रेड-बॉल क्रिकेट में उनकी भागीदारी ने उनके खेल को और परिपक्व बनाया है। ऐसे में भारतीय टीम उन्हें किसी भी तरह से कमजोर प्रतिद्वंद्वी नहीं मान रही है।धर्मशाला के मौसम और बारिश की संभावना पर उन्होंने कहा कि मौसम पर किसी का नियंत्रण नहीं होता, लेकिन टीम ने हर तरह की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयारी की है। उन्होंने भरोसा जताया कि खिलाड़ी परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालते हुए बेहतर प्रदर्शन करेंगे और मैदान पर हर चुनौती का मजबूती से सामना करेंगे।