Summer express,नई दिल्ली। देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत करीब 17 राज्यों में तेज आंधी, गरज-चमक और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कई क्षेत्रों में हवाओं की रफ्तार 60 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आने और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।
मौसम विभाग ने लोगों को मोबाइल अलर्ट के जरिए भी सतर्क किया है। विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन घंटों के दौरान कई क्षेत्रों में तेज बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। वहीं अगले दो से तीन दिनों में उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में मानसून के पहुंचने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।
मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में तेज आंधी, गरज-चमक, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की संभावना जताई है। वहीं उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय सहित कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।
उत्तर प्रदेश में पिछले दस दिनों से मौसम लगातार करवट बदल रहा है। आंधी और बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। बुधवार और गुरुवार को प्रदेश के 52 जिलों में खराब मौसम के कारण कई लोगों की जान चली गई थी, जबकि शुक्रवार को भी दो लोगों की मौत की सूचना मिली।
मुरादाबाद में कच्चे मकान की छत गिरने से एक वृद्ध महिला की मौत हो गई, जबकि मेरठ में आकाशीय बिजली गिरने से 17 वर्षीय छात्र की जान चली गई। वहीं छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में बिजली गिरने की घटना में उपसरपंच समेत तीन लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य गंभीर रूप से झुलस गए।
उत्तर प्रदेश मौसम विभाग ने शनिवार को भी कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और 60 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है। हालांकि विभाग ने चेतावनी दी है कि सोमवार से प्रदेश के लगभग 50 जिलों में एक बार फिर भीषण गर्मी का दौर शुरू हो सकता है और दो दर्जन से अधिक जिलों में लू चलने के आसार हैं।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार पाकिस्तान क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी उत्तर प्रदेश के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि करीब एक सप्ताह बाद नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से 22 जून से प्री-मानसून गतिविधियां तेज होंगी। 25 जून के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में मानसून के पहुंचने की संभावना है, हालांकि इस बार मानसून अपने निर्धारित समय से चार से पांच दिन की देरी से दस्तक दे सकता है।