Summer express , मंडी अटेली (नारनौल)। मानवता और सेवा भाव की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश करते हुए शांतिकुंज अनाथ बेसहारा आश्रम, अटेली ने परिवार से बिछड़े एक मानसिक रूप से कमजोर बच्चे को उसके परिजनों से मिलाने में सफलता हासिल की है। करीब ढाई महीने पहले यह बच्चा कनीना बस स्टैंड पर लावारिस हालत में मिला था, जिसके बाद आश्रम ने उसे अपने संरक्षण में लेकर उसकी देखभाल शुरू की थी।
बच्चा अपनी पहचान और घर का पता बताने में सक्षम नहीं था, जिसके कारण उसके परिजनों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण बन गया था। इसके बावजूद आश्रम के संचालक पवन कुमार राठौड़ और उनकी टीम ने हार नहीं मानी और लगातार बच्चे के परिवार की तलाश में जुटे रहे।
आश्रम की ओर से सोशल मीडिया, स्थानीय लोगों के सहयोग और अन्य माध्यमों की मदद से व्यापक स्तर पर खोज अभियान चलाया गया। लगातार प्रयासों के बाद आखिरकार बच्चे के परिवार का पता लगाने में सफलता मिली। बच्चे की मां गीता देवी और उसके मामा नानक आश्रम पहुंचे और बच्चे की पहचान की।
लंबे समय बाद बेटे को अपने सामने देखकर मां भावुक हो गईं। उन्होंने बच्चे को गले लगाकर खुशी के आंसू बहाए। मां-बेटे के मिलन का यह भावुक दृश्य वहां मौजूद सभी लोगों के लिए बेहद मार्मिक पल बन गया।
आश्रम संचालक पवन कुमार राठौड़ ने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल बेसहारा और जरूरतमंद लोगों को आश्रय उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उन्हें उनके परिवारों से दोबारा जोड़ने का प्रयास करना भी है। उन्होंने बताया कि शांतिकुंज आश्रम अब तक 61 बिछड़े हुए लोगों को उनके परिजनों से मिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है।
इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि समर्पित प्रयास और मानव सेवा का भाव कई बिछड़े रिश्तों को फिर से जोड़ सकता है।