Summer express, रोहतक। सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां डेढ़ माह के एक बच्चे को कथित तौर पर एक्सपायरी ग्लूकोज फ्लूइड चढ़ाए जाने का आरोप लगा है। मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, मां मुस्कान सैनी ने आरोप लगाया कि उनके बच्चे को सांस लेने में दिक्कत और कफ की शिकायत के चलते बुधवार रात अस्पताल लाया गया था। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ ने इलाज में लापरवाही बरती और बच्चे को जो ग्लूकोज चढ़ाया गया, उसकी एक्सपायरी मई महीने में ही हो चुकी थी। परिजनों का यह भी आरोप है कि शिकायत करने के बावजूद स्टाफ ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
घटना के बाद मामला तूल पकड़ने लगा और उच्च अधिकारियों तक पहुंचने पर अस्पताल प्रशासन हरकत में आया। सीनियर मेडिकल ऑफिसर (SMO) डॉ. पुष्पेंद्र ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को एक आपातकालीन बैठक बुलाई है। इस बैठक में बाल रोग विभाग के एचओडी को भी पूरे रिकॉर्ड सहित तलब किया गया है।
एसएमओ ने कहा कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है—स्टोर से लेकर वार्ड तक सभी स्तरों पर लापरवाही की जांच होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी डॉक्टर या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।