Summer express, चंडीगढ़। हरियाणा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के स्थान पर 1 जुलाई से विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (वीबीजीआरएएम) लागू किया जाएगा। नई योजना के तहत हरियाणा को विभिन्न विकास कार्यों के संचालन के लिए 590 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इस संबंध में दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान सहमति बनी है।
हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में 27 और 28 जून को नई दिल्ली में वीबीजीआरएएम को लागू करने की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक और सम्मेलन आयोजित किया गया था। इस बैठक में हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार ने भी भाग लिया।
डॉ. चौहान के अनुसार, राज्य सरकार 1 जुलाई से योजना लागू करने के लिए अधिसूचना जारी करेगी। केंद्र सरकार ने राज्यों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजना में आवश्यक संशोधन और प्रावधान शामिल करने की भी अनुमति दी है, ताकि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने देशभर में वीबीजीआरएएम के क्रियान्वयन के लिए 95 हजार करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है। वहीं, हरियाणा सरकार भी अपने हिस्से के रूप में करीब 250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त योगदान देगी।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 2 जुलाई को आंध्र प्रदेश के तिरुपति से इस नई योजना का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही ग्रामीण रोजगार और आजीविका से जुड़े कार्यों के लिए देशभर में नई व्यवस्था लागू होने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।