Summer express, यमुनानगर। कलेसर वन एवं वन्य प्राणी विहार क्षेत्र में शाहजादवाला गांव के समीप जंगल से बीमार अवस्था में मिले एक वर्षीय नर तेंदुए की मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण और वन्य प्राणियों की स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार ग्रामीणों ने जंगल में एक तेंदुए को गंभीर हालत में देखा, जिसके बाद इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और तेंदुए का रेस्क्यू कर उसे उपचार के लिए छछरौली पशु चिकित्सालय ले जाने का प्रयास किया। हालांकि अस्पताल पहुंचने से पहले ही तेंदुए ने रास्ते में दम तोड़ दिया।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक तेंदुए की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल प्रारंभिक जांच में मल्टीपल ऑर्गन फेलियर को मौत की संभावित वजह माना जा रहा है। इसके अलावा तेंदुए में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) संक्रमण के लक्षण भी पाए गए हैं।
तेंदुए का पोस्टमार्टम तीन सदस्यीय चिकित्सकीय बोर्ड की निगरानी में किया गया। बोर्ड के सदस्य डॉ. प्रशांत तिवारी ने बताया कि जांच के दौरान लीवर, हृदय, आंतों और श्वसन तंत्र में कई असामान्य बदलाव पाए गए, जो सीडीवी संक्रमण की ओर संकेत करते हैं। मौत के सही कारणों की पुष्टि के लिए विसरा सैंपल हिसार स्थित लुवास लैब भेजे गए हैं।
वन विभाग अब रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि तेंदुए की मौत बीमारी के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी जिम्मेदार है।