Summer express, करनाल। हरियाणा के करनाल में प्रशासनिक अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना और धमकी देने के आरोप लगाकर लापता हुए सरकारी शिक्षक एवं बीएलओ प्रदीप कुमार को पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया है। शिक्षक के व्हाट्सएप ग्रुप में सुसाइड नोट साझा करने के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। करीब सात घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने उन्हें जरनैली कॉलोनी स्थित उनके रिश्तेदार के घर से सुरक्षित ढूंढ निकाला।
जानकारी के अनुसार 55 वर्षीय प्रदीप कुमार पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कोहंड में हिंदी अध्यापक हैं और वर्तमान में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की जिम्मेदारी भी निभा रहे थे। दोपहर उन्होंने अधिकारियों के व्हाट्सएप ग्रुप में एक सुसाइड नोट पोस्ट किया, जिसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया और वे अचानक लापता हो गए।
सुसाइड नोट सामने आते ही पुलिस ने तत्काल तलाश अभियान शुरू किया। जांच के दौरान सेक्टर-9 स्थित एक कॉन्वेंट स्कूल के पास उनकी कार लावारिस हालत में मिली। कार के अंदर से दोनों मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। इसके बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
सीसीटीवी जांच में सामने आया कि प्रदीप कुमार अपनी कार छोड़ने के बाद ई-रिक्शा से आईटीआई चौक पहुंचे और वहां से दूसरी ई-रिक्शा लेकर जरनैली कॉलोनी चले गए। पुलिस ने स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर उन्हें उनके चाचा के घर से सुरक्षित बरामद कर लिया। इसके बाद रात करीब आठ बजे उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
सुसाइड नोट में प्रदीप कुमार ने घरौंडा के एसडीएम, तहसीलदार और सुपरवाइजर जितेंद्र सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा कि एसआईआर कार्य को लेकर आयोजित बैठक के बाद अधिकारियों ने उन्हें बुलाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और नौकरी को लेकर धमकियां दीं। नोट के मुताबिक, अधिकारियों ने उन्हें चार्जशीट करने और पूरी जिंदगी स्पष्टीकरण देते रहने जैसी बातें कही थीं, जिससे वह गहरे मानसिक तनाव में आ गए।
प्रदीप कुमार ने अपने नोट में लिखा कि वह 55 वर्ष की उम्र में इस तरह का मानसिक दबाव सहन नहीं कर पा रहे थे और लगातार तनाव के कारण रातभर सो भी नहीं सके। उन्होंने अपनी मानसिक स्थिति के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया।
फिलहाल शिक्षक के सुरक्षित मिलने के बाद परिवार और प्रशासन ने राहत की सांस ली है। वहीं पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बैठक के दौरान आखिर ऐसा क्या हुआ, जिससे शिक्षक इस कदर मानसिक तनाव में आ गए।