Summer express, जालंधर | पंजाब में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ मंगलवार को कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। बारिश से जहां लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली, वहीं कई शहरों में जलभराव, टूटी सड़कों और सीवरेज व्यवस्था की बदहाली ने आमजन की परेशानी बढ़ा दी। बारिश थमने के बाद उमस ने भी लोगों को बेहाल कर दिया।
जालंधर में करीब एक घंटे के दौरान 1.5 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई। हालांकि यह बारिश राहत लेकर आई, लेकिन कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। जिन स्थानों पर पहले हुई बारिश का पानी अभी तक नहीं निकला था, वहां हालात और अधिक खराब हो गए। सड़कें टूटने से वाहन चालकों और राहगीरों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
शहर के कई हिस्सों में सीवरेज, पेयजल पाइपलाइन और सरफेस वाटर से जुड़े निर्माण कार्य चल रहे हैं। बारिश के कारण इन स्थानों पर कीचड़ फैल गया, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। बारिश रुकने के कुछ समय बाद फिर से उमस बढ़ गई, हालांकि शाम के समय चली ठंडी हवाओं से लोगों को कुछ राहत महसूस हुई।
मौसम विभाग के अनुसार जालंधर में अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विभाग ने 13 जुलाई तक प्रदेश में मौसम के इसी तरह बने रहने का अनुमान जताया है। इस दौरान रुक-रुक कर बारिश, तेज हवाएं और उमस भरा मौसम बना रह सकता है।
वहीं नवांशहर में मानसून की पहली तेज बारिश ने नगर प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी। सुबह करीब आधे घंटे तक हुई वर्षा में 20 एमएम बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद शहर की कई सड़कें और निचले इलाके जलमग्न हो गए। बारिश के बाद एक बार फिर उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।
शहर की गलियों, मुख्य बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों में पानी भर जाने से यातायात प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर पुराने और जाम सीवरेज पाइप बारिश का पानी निकालने में नाकाम रहे, जिससे जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आई। लोगों को घंटों तक जलभराव और कीचड़ के बीच आवागमन करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार शहर की लगभग 21 किलोमीटर लंबी सीवरेज लाइन की सफाई के लिए करीब 80 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया था, लेकिन अधिकांश स्थानों पर सफाई कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका। इसका असर पहली ही तेज बारिश में साफ दिखाई दिया।
मौसम विभाग ने नवांशहर समेत पंजाब के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी पहले ही जारी कर दी थी। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर पर्याप्त तैयारियां नहीं होने के कारण बारिश के बाद जलभराव और सीवरेज की समस्या ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।