Summer express/हमीरपुर, अरविंद- प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। हमीरपुर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश में बढ़ते अपराध, झूठे मुकदमे और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर पार्टी जल्द ही एक विस्तृत चार्जशीट तैयार कर केंद्रीय गृह मंत्री को सौंपेगी। उनका कहना था कि भाजपा प्रदेश में कानून व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मामलों और सरकार की कथित विफलताओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगी।
राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कानून व्यवस्था लगातार कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि पहले हिमाचल के मुख्यमंत्री विकास कार्यों और जनहित की योजनाओं के लिए पहचाने जाते थे, लेकिन मौजूदा सरकार की पहचान एफआईआर और विवादों तक सीमित होकर रह गई है। उन्होंने दावा किया कि सरकार के अधिकांश फैसलों और प्रशासनिक गतिविधियों में एफआईआर का माहौल दिखाई देता है, जिससे जनता के बीच भय और असंतोष का वातावरण बना है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधों की घटनाओं में वृद्धि चिंता का विषय है। हत्या, महिलाओं के खिलाफ अपराध, यौन उत्पीड़न और हिंसक घटनाओं का उल्लेख करते हुए राणा ने कहा कि सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाई है। उनके अनुसार आम नागरिक स्वयं को पहले की तुलना में कम सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई करने और प्रतिशोध की भावना से फैसले लेने में अधिक रुचि दिखा रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक मशीनरी का उपयोग निष्पक्ष तरीके से होने के बजाय राजनीतिक उद्देश्य पूरे करने के लिए किया जा रहा है। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रशासन का कार्य निष्पक्ष रहकर कानून के अनुसार कार्रवाई करना है।
राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए कहा कि गृह विभाग भी मुख्यमंत्री के पास है, इसलिए प्रदेश की कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी सीधे तौर पर उन्हीं पर आती है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में असफल रही है तो मुख्यमंत्री को इसकी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति और कानून व्यवस्था, दोनों मोर्चों पर सरकार सवालों के घेरे में है।राणा ने दावा किया कि भाजपा सरकार के समय प्रतिशोध की राजनीति से बचने का प्रयास किया गया था, जबकि वर्तमान सरकार ने विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता अपनाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बहनों, बेटियों, व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और यदि लोग स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है।उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से भी कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष कार्य करने की अपील की। राणा ने कहा कि अधिकारियों को किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव से बचते हुए अपने संवैधानिक दायित्वों का पालन करना चाहिए। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कानून के विपरीत की गई कार्रवाई भविष्य में अधिकारियों के लिए भी परेशानी का कारण बन सकती है।
अंत में राजेंद्र राणा ने कहा कि भाजपा प्रदेशभर से कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों,अपराधों के आंकड़ों और कथित प्रशासनिक अनियमितताओं का संकलन कर विस्तृत चार्जशीट तैयार करेगी। इस दस्तावेज को केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष प्रस्तुत कर हिमाचल की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया जाएगा।उन्होंने कहा कि भाजपा जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को जवाबदेह बनाने का प्रयास जारी रखेगी।