Summer express/शिमला, संजू -: मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सोमवार देर सायं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा विकसित ‘तकनीकी रोजगार सेतु’ पोर्टल का शुभारंभ किया। यह राज्य का अपनी तरह का पहला डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों, शिक्षण संस्थानों और नियोक्ताओं को एक ही मंच पर जोड़ने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इस पहल से प्लेसमेंट और भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनने की उम्मीद है।
पोर्टल के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कौशल विकास और रोजगार सृजन को मजबूत बनाने के लिए लगातार आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘तकनीकी रोजगार सेतु’ युवाओं और उद्योगों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करेगा तथा तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे उद्योगों को भी अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप योग्य और प्रशिक्षित मानव संसाधन आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पोर्टल को व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है, जहां छात्र अपनी व्यक्तिगत प्रोफाइल, शैक्षणिक योग्यता, कौशल, प्रशिक्षण और प्रमाणपत्रों का विवरण अपलोड कर सकेंगे। इसके साथ ही वे उपलब्ध नौकरियों की जानकारी प्राप्त करने, ऑनलाइन आवेदन करने और अपने प्लेसमेंट की स्थिति की निगरानी करने जैसी सुविधाओं का लाभ भी उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था छात्रों को रोजगार बाजार की मांग और उद्योगों की आवश्यकताओं से सीधे जोड़ने का कार्य करेगी।उन्होंने कहा कि पोर्टल पर नियोक्ताओं के लिए भी विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उद्योग और कंपनियां स्वयं को पंजीकृत कर रिक्त पदों की जानकारी साझा कर सकेंगी। वे उम्मीदवारों की प्रोफाइल देखकर उपयुक्त अभ्यर्थियों का चयन कर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेंगी तथा नियुक्ति संबंधी जानकारी भी विभाग के साथ साझा कर सकेंगी। इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक देरी में कमी आएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल इस पोर्टल पर 164 तकनीकी शिक्षण संस्थान पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें 136 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), 18 पॉलिटेक्निक संस्थान, पांच इंजीनियरिंग कॉलेज तथा पांच फार्मेसी कॉलेज शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हिम एक्सेस इंटीग्रेशन पोर्टल के माध्यम से अब तक 26,168 छात्रों का पंजीकरण किया जा चुका है, जिनमें से 23,054 छात्रों की कौशल मैपिंग पूरी हो चुकी है। इसके अलावा 97 नियोक्ता भी इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पोर्टल केवल स्थायी नौकरियों तक सीमित नहीं रहेगा। इसके माध्यम से इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर सहित अन्य कुशल श्रमिक भी अपना पंजीकरण करा सकेंगे और अल्प अवधि के कार्यों के लिए अपनी सेवाएं उपलब्ध करा सकेंगे। इससे स्वरोजगार और अस्थायी रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी तथा आम लोगों को प्रशिक्षित श्रमिक आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षण संस्थानों को भी इस डिजिटल मंच से अनेक सुविधाएं मिलेंगी। संस्थान छात्रों के डेटा का प्रबंधन, प्रोफाइल का सत्यापन और अनुमोदन, प्लेसमेंट गतिविधियों की निगरानी तथा रोजगार परिणामों का रिकॉर्ड रख सकेंगे। इससे शिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और छात्रों को समय पर रोजगार संबंधी जानकारी मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सुशासन और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए निरंतर नई पहल कर रही है। उनका विश्वास है कि ‘तकनीकी रोजगार सेतु’ पोर्टल उद्योग, शिक्षण संस्थानों और युवाओं के बीच मजबूत तालमेल स्थापित करेगा, रोजगार क्षमता को बढ़ाएगा और हिमाचल प्रदेश को कुशल मानव संसाधन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं सुशासन विभाग के निदेशक डॉ. निपुण जिंदल सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।