Summer express/शिमला/ संजू -:राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष सोमवार को विभिन्न सामाजिक संगठनों और युवाओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में सामने आए परीक्षा संबंधी विवादों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई। साथ ही उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बल प्रयोग की घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की।
प्रदर्शन का नेतृत्व हिमाचल प्रदेश गदर फ्रंट के अध्यक्ष रवि कुमार दलित ने किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी होती हैं, इसलिए इनमें किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।रवि कुमार दलित ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज की भी आलोचना करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे युवाओं के साथ संवेदनशीलता और संवाद के माध्यम से व्यवहार किया जाना चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सरकार को पारदर्शी व्यवस्था लागू करनी चाहिए, ताकि युवाओं का भरोसा कायम रहे। इसके अलावा उन्होंने मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने की मांग भी दोहराई।प्रदर्शन के दौरान प्रतिभागियों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखी और सरकार से निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।