Summer express/मंडी/धर्मवीर -:मंडी जिला के गोहर में जमीन म्यूटेशन करने की एवज में दो लाख रिश्वत मांगने के आरोप में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाकर कानूनगो, पटवारी और पटवारी सहायक को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। विजिलेंस ने पटवारी सहायक को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोचा, जिसके बाद संबंधित राजस्व विभाग के कानूनगो और पटवारी को भी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। तीनों को आज न्यायालय में पेश किया जाएगा और पुलिस रिमांड हासिल कर आगामी पूछताछ की जाएगी।
शिकायतकर्ता पूर्ण चंद की शिकायत पर विजिलेंस की टीम ने यह कार्रवाई की है।
विजिलेंस के अनुसार शिकायतकर्ता पूर्ण चंद ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनकी जमीन का म्यूटेशन करने के बदले कानूनगो बंसी लाल और पटवारी अरुण धीमान ने दो लाख रुपये की रिश्वत की मांग की है। आरोप है कि रिश्वत की पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये लेने के लिए दोनों ने अपने पटवारी सहायक ललित कुमार को भेजा। शिकायत का सत्यापन करने के बाद विजिलेंस की टीम ने गोहर में जाल बिछाया। जैसे ही ललित कुमार ने शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार की, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद मामले में कानूनगो बंसी लाल और पटवारी अरुण धीमान को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। विजिलेंस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी) थाना मंडी में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। डीएसपी विजिलेंस प्रियंक गुप्ता ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाया जाएगा कि रिश्वत मांगने और लेने की पूरी साजिश में कौन-कौन शामिल था तथा मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी।