Summer express, अंकुर कपूर , अंबाला। लीगल एंड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के विरोध में अंबाला जिला बार एसोसिएशन ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। ज्वाइंट एक्शन कमेटी ऑफ बार एसोसिएशन ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के आह्वान पर सोमवार को जिला बार के छह अधिवक्ता सांकेतिक भूख हड़ताल पर बैठे और नई व्यवस्था को वापस लेने की मांग की।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सतपाल सिंह ने बताया कि पंजाब और हरियाणा के अधिवक्ता पिछले कई दिनों से इस नई व्यवस्था के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। इसी कड़ी में अंबाला जिला बार एसोसिएशन ने भी विरोध प्रदर्शन को तेज करते हुए छह अधिवक्ताओं को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक भूख हड़ताल पर बैठाया। भूख हड़ताल में अधिवक्ता संदीप सचदेवा, जबर चौधरी, जगतार सिंह, विवेक महर्षि, राजेश शर्मा और प्रवीण रानी चंदेल शामिल रहे।
भूख हड़ताल पर बैठे वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सचदेवा ने कहा कि प्रस्तावित लीगल एंड डिफेंस काउंसिल सिस्टम अधिवक्ताओं की स्वतंत्रता को प्रभावित करेगा और पक्षकारों के अपनी पसंद के वकील चुनने के अधिकार को सीमित कर देगा। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था स्वतंत्र पैनल प्रणाली को कमजोर करेगी और न्यायिक संतुलन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।
उन्होंने कहा कि यह नीति अधिवक्ता अधिनियम की मूल भावना के विपरीत है और इसके लागू होने से जिला बार एसोसिएशनों की भूमिका कमजोर होगी। साथ ही युवा अधिवक्ताओं के लिए रोजगार और पेशे में आगे बढ़ने के अवसर भी कम हो जाएंगे। विशेष रूप से ऐसे नए वकीलों के लिए, जिनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि वकालत से नहीं जुड़ी है, इस पेशे में टिके रहना और अधिक कठिन हो जाएगा।
बार एसोसिएशन ने सरकार से मांग की कि लीगल एंड डिफेंस काउंसिल सिस्टम को तत्काल वापस लिया जाए और अधिवक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श किया जाए।
इस अवसर पर बार एसोसिएशन के सचिव विकास शर्मा, उपाध्यक्ष अरविंद गोयल सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे और उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे साथियों का समर्थन करते हुए आंदोलन को आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया।