Summer express/धर्मशाला,राहुल-:हिमाचल प्रदेश में न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ (PTF) और प्रदेश सरकार के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा शिक्षक दिवस से पहले इस व्यवस्था पर उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिए जाने के बावजूद प्राथमिक शिक्षक संघ ने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। रविवार शाम से शुरू हुआ क्रमिक अनशन सोमवार को दूसरे दिन भी शिक्षा निदेशालय के समीप जारी रहा। संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर जमीनी स्तर पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
रविवार को आयोजित महारैली के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं प्राथमिक शिक्षक संघ के धरना स्थल पर पहुंचे और शिक्षकों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नई कॉम्प्लेक्स प्रणाली की सहानुभूतिपूर्वक समीक्षा करेगी और आवश्यकता पड़ने पर इसमें संशोधन या इसे पूरी तरह वापस लेने का निर्णय भी लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि शिक्षक दिवस से पहले इस विषय पर सकारात्मक फैसला लेने का प्रयास किया जाएगा।मुख्यमंत्री के आश्वासन का स्वागत करते हुए भी प्राथमिक शिक्षक संघ ने अपना रुख स्पष्ट रखा। संघ का कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि सरकार को मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय लेना होगा। इसी कारण संगठन ने क्रमिक अनशन जारी रखने का निर्णय लिया है।क्रमिक अनशन पर बैठे प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश शर्मा ने कहा कि शिक्षकों के हितों की रक्षा और प्राथमिक शिक्षा से जुड़े लंबित मुद्दों के समाधान तक यह आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन वापस लेने का निर्णय पूरी तरह प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग की सकारात्मक कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
रमेश शर्मा ने बताया कि क्रमिक अनशन का निर्णय प्राथमिक शिक्षक संघ के जनरल हाउस में सर्वसम्मति से लिया गया। इस बैठक में प्रदेशभर से 700 से अधिक पदाधिकारियों ने भाग लिया और सभी ने आंदोलन को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार और शिक्षा विभाग के समक्ष ज्ञापन सौंपता रहा, लेकिन उनकी लगातार अनदेखी की गई।उन्होंने कहा कि सचिवालय और शिक्षा निदेशालय स्तर के अधिकारियों ने न केवल शिक्षकों की मांगों की उपेक्षा की, बल्कि भविष्य में प्राथमिक शिक्षक संघ के साथ किसी भी प्रकार की वार्ता न करने की बात भी कही। रमेश शर्मा के अनुसार अधिकारियों के इसी रवैये और संवादहीनता के कारण शिक्षकों को आंदोलन और क्रमिक अनशन जैसा कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।संघ अध्यक्ष ने कहा कि प्राथमिक शिक्षक संघ हमेशा से बातचीत के माध्यम से समाधान का पक्षधर रहा है और पूर्व में भी कई बार सरकार से वार्ता की मांग करता रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के अनुरूप शिक्षक दिवस से पहले सरकार और शिक्षा विभाग संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे तथा लंबित मांगों का समाधान निकालेंगे।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जैसे ही सरकार की ओर से न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम और अन्य लंबित मांगों पर सकारात्मक एवं ठोस निर्णय लिया जाएगा, प्राथमिक शिक्षक संघ अपना आंदोलन और क्रमिक अनशन समाप्त कर देगा। फिलहाल शिक्षा निदेशालय के बाहर शिक्षकों का धरना और क्रमिक अनशन लगातार जारी है तथा संगठन सरकार की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।