एजेंसी | समर न्यूज
लोकसभा ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और संगठित नकल पर अंकुश लगाने के लिए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। विधेयक में परीक्षा से जुड़े संगठित अपराधों के लिए मौजूदा कानून की तुलना में अधिक कड़े दंड का प्रावधान किया गया है।
सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना और पेपर लीक जैसे मामलों में तेजी से जांच और सुनवाई सुनिश्चित
करना है।
विधेयक अब राज्यसभा की मंजूरी के बाद कानून का रूप लेगा।
नए प्रावधानों के तहत गंभीर और संगठित परीक्षा अपराधों में दोषी पाए जाने वालों को 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा मामलों की तेजी से जांच, विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों के जरिये सुनवाई और विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति का प्रावधान भी प्रस्तावित है। सरकार का तर्क है कि बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों के मामलों से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होता है, इसलिए कानून में और भी अिधक कड़े प्रावधान जरूरी हैं।
विपक्ष ने उठाए पुलिस कार्रवाई के सवाल
विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने पेपर लीक के साथ छात्रों से जुड़े मुद्दों और हालिया प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का मामला भी उठाया। सत्ता पक्ष ने इन आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि कानून का उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि परीक्षा में धोखाधड़ी और पेपर लीक को रोकने के लिए जांच और अभियोजन की प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
राज्यसभा में वंदेमातरम से जुड़ा संशोधन
राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 से जुड़े प्रावधानों पर भी कार्रवाई हुई। संशोधन का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम को भी राष्ट्रीय गान के समान कानूनी संरक्षण के दायरे में लाना है। मौजूदा कानून में राष्ट्रीय गान के गायन में जानबूझकर बाधा डालने पर सजा का प्रावधान है। संशोधन के बाद इसी तरह के प्रावधान राष्ट्रीय गीत पर भी लागू होंगे।