Summer express, संजू , शिमला | हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने रविवार से पूरे प्रदेश में व्यापक सदस्यता अभियान की शुरुआत करते हुए संगठन विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। यह अभियान राज्य की सभी 68 विधानसभा सीटों पर चलाया जा रहा है।
राजधानी शिमला समेत विभिन्न जिलों में पार्टी कार्यकर्ता घर-घर और बाजारों में पहुंचकर लोगों को आम आदमी पार्टी की नीतियों, कार्यक्रमों और जनहित से जुड़े मुद्दों की जानकारी दे रहे हैं। साथ ही अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं शिमला शहर प्रभारी डॉ. राजेश चानना ने अभियान की शुरुआत के दौरान कहा कि पार्टी हिमाचल में एक मजबूत और प्रभावी राजनीतिक विकल्प के रूप में उभरने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने लोगों से पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार और हिमाचल में मौजूदा कांग्रेस सरकार के कार्यों का तुलनात्मक आकलन करने की अपील की।
डॉ. चानना ने कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्षों से सत्ता में रहने के बावजूद दोनों पार्टियां प्रदेश की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति को सुधारने में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं की, जबकि भाजपा के शासनकाल में भी कई महत्वपूर्ण समस्याएं बनी रहीं।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी प्रदेश की जनता को एक मजबूत तीसरा राजनीतिक विकल्प देने के उद्देश्य से काम कर रही है। सदस्यता अभियान के माध्यम से संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत बनाया जाएगा और युवाओं, महिलाओं तथा आम नागरिकों को पार्टी से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
गौरतलब है कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने हिमाचल प्रदेश की 68 में से 67 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन पार्टी को कोई सफलता नहीं मिली थी। अधिकांश उम्मीदवारों की जमानत भी जब्त हो गई थी। इसके बावजूद पार्टी अब 2027 के चुनावों को ध्यान में रखते हुए दोबारा सक्रिय नजर आ रही है और सदस्यता अभियान के जरिए प्रदेश में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
पार्टी नेताओं का दावा है कि आने वाले समय में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत कर जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा, ताकि आगामी विधानसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।