Summer express, राकेश, ऊना। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी द्वारा देशभर में चलाए जा रहे समरसता संकल्प अभियान के तहत राष्ट्रीय कलश यात्रा रविवार को हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के संतोषगढ़ स्थित श्री गुरु रविदास मंदिर पहुंची। वाराणसी स्थित गुरु रविदास जन्मस्थली से 29 जुलाई को शुरू हुई यह यात्रा सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे का संदेश लेकर देशभर में भ्रमण कर रही है।
ऊना पहुंचने पर श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने कलश यात्रा का भव्य स्वागत किया। फूलों की वर्षा और जयकारों के बीच यात्रा श्री गुरु रविदास मंदिर पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ कलश स्थापना समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान रागी जत्थों द्वारा गुरु रविदास जी की वाणी का कीर्तन प्रस्तुत किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कार्यक्रम में सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, राज्यसभा सांसद एवं अभियान के प्रदेश संयोजक सिकंदर कुमार, विधायक सतपाल सिंह सत्ती, पूर्व मंत्री राजीव सहजल, कमलेश कुमारी सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, संत समाज के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने स्वयं कलश को सिर पर धारण कर यात्रा में भाग लिया।
इस अवसर पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि गुरु रविदास जी ने सदियों पहले सामाजिक समानता और समरसता का जो संदेश दिया था, वह आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए समाज को जातिवाद और भेदभाव की संकीर्ण सोच से ऊपर उठकर भाईचारे, समान अवसर और सामाजिक एकता को अपनाना होगा।
उन्होंने बताया कि समरसता संकल्प अभियान के तहत कलश यात्रा के अलावा छात्र संपर्क अभियान, संत संवाद, गुरु रविदास मंदिरों में कीर्तन कार्यक्रम और सामाजिक जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से गुरु रविदास जी के विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाया जाएगा।
अनुराग ठाकुर ने अभियान के सफल संचालन के लिए कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऊना के बाद यह पावन कलश हिमाचल प्रदेश के सभी 17 संगठनात्मक जिलों में भेजे जाएंगे, ताकि सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचे।
कार्यक्रम में मौजूद भाजपा नेताओं ने कहा कि समरसता संकल्प अभियान केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव, समानता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का व्यापक जनजागरण अभियान है, जो समाज को जोड़ने और गुरु रविदास जी के आदर्शों को घर-घर तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है।