लक्की मेहता | लुधियाना
समर न्यूज
लुधियाना नगर निगम की फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी (एफएंडसीसी) में विधायक पुत्रों की नियुक्ति को लेकर छिड़ा
विवाद सोमवार को नए मोड़ पर पहुंच गया।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में नियुक्ति की वैधता पर उठे सवालों और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच सेंट्रल के विधायक मदन लाल बग्गा के बेटे अमन बग्गा तथा आत्म नगर के विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू के बेटे युवराज सिंह सिद्धू ने एफएंडसीसी सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया। दोनों नेताओं के इस्तीफे सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गए हैं।
पंजाब सरकार के स्थानीय निकाय विभाग में भी इन नियुक्तियों को लेकर मंथन चल रहा था। वहीं, हाईकोर्ट में अगली सुनवाई से पहले आए इन इस्तीफों ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
{हाईकोर्ट ने पूछा- एक्ट में कहां है ऐसा प्रावधान: विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब कांग्रेस पार्षद गौरव भट्टी ने मेयर इंद्रजीत कौर द्वारा की गई इन नियुक्तियों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी। सुनवाई के दौरान अदालत ने नगर निगम के वकील से पूछा कि नगर निगम एक्ट में ऐसी नियुक्ति का स्पष्ट प्रावधान कहां है? सूत्रों के मुताबिक नगर निगम की ओर से अदालत को इसका स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा सका। इसके बाद यह मामला और गंभीर हो गया तथा अगली सुनवाई से पहले दोनों सदस्यों के इस्तीफे सामने आ गए।
{कांग्रेस-भाजपा दोनों ने
किया विरोध: इस नियुक्ति के खिलाफ कांग्रेस के साथ-साथ भाजपा के पार्षद भी एकजुट हो गए थे। विपक्ष का आरोप था कि एफ.एंड.सी.सी जैसी महत्वपूर्ण समिति में नियुक्तियां नियमों के अनुरूप नहीं की गईं। राजनीतिक विरोध बढ़ने से मेयर इंद्रजीत कौर भी लगातार विपक्ष के निशाने पर रहीं।