Summer express , गुरुग्राम। मुख्यमंत्री के काफिले को काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन करने के मामले में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने के आरोप में कुल 10 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इनमें सिविल लाइंस थाने में तैनात एसएचओ विजेंद्र कुमार, दो एएसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल समेत नौ पुलिसकर्मी शामिल हैं। इसके अलावा एसआईएस ब्रांच में तैनात एएसआई अमित कुमार को भी सस्पेंड किया गया है।
दरअसल, मुख्यमंत्री के गुरुग्राम पहुंचने के दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष पंकज डावर और वर्धन यादव के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता अचानक सड़क पर पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के काफिले के सामने काले झंडे लहराते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। काफिले के सामने इस तरह प्रदर्शन होने को पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक माना गया, जिसके बाद संबंधित पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
इस मामले में गुरुग्राम पुलिस ने रात आठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। दर्ज एफआईआर में कांग्रेस जिला अध्यक्ष पंकज डावर और वर्धन यादव के नाम भी शामिल किए गए हैं। हालांकि, दोनों नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की ओर से फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। दोनों के मोबाइल फोन बंद बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने दोनों नेताओं को हिरासत में लिया है, लेकिन पुलिस अधिकारी इस संबंध में कोई जानकारी देने से बच रहे हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में शनिवार दोपहर कई पार्टी कार्यकर्ता सिविल लाइंस थाने के बाहर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस से गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं के बारे में जानकारी मांगी और मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर जानकारी ली। पुलिस गिरफ्तार कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डीसीपी वेस्ट के समक्ष पेश करने के लिए लेकर गई।
पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच में प्रदर्शनकारियों की भूमिका के साथ-साथ मुख्यमंत्री के काफिले की सुरक्षा में हुई चूक के कारणों को भी खंगाला जा रहा है। मामले में पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी रहने की संभावना है।