Summer express , पंचकूला। पंचकूला में किसान मंडी की सफाई को लेकर नगर निगम और फल-सब्जी विक्रेताओं के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। सफाई व्यवस्था को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनने के कारण शनिवार को सेक्टर-14 में किसान मंडी नहीं लग सकी। नगर निगम के इस फैसले से विक्रेताओं में नाराजगी है, वहीं मंडी में खरीदारी करने पहुंचे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
नगर निगम का कहना है कि किसान मंडी में कारोबार खत्म होने के बाद वहां जमा होने वाले कचरे की सफाई की जिम्मेदारी फल एवं सब्जी विक्रेताओं तथा किसानों की है। निगम के अनुसार, मंडी लगाने के बाद परिसर में बड़ी मात्रा में फल-सब्जियों का कचरा जमा होता है, जिसे विक्रेताओं को खुद साफ करवाना चाहिए। इसी आधार पर निगम ने मंडी की सफाई करवाने से इनकार किया है।
दूसरी ओर, फल एवं सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि नगर निगम उनसे मंडी लगाने के लिए प्रतिदिन 100 रुपये की पर्ची के रूप में शुल्क वसूलता है। विक्रेताओं का तर्क है कि जब निगम मंडी लगाने की एवज में शुल्क ले रहा है तो सफाई की व्यवस्था भी नगर निगम को ही करनी चाहिए। उनका आरोप है कि निगम शुल्क वसूलने के बावजूद सफाई की जिम्मेदारी से पीछे हट रहा है।
विक्रेताओं के मुताबिक, मंडी खत्म होने के बाद बड़ी मात्रा में फल और सब्जियों का कचरा बच जाता है। समय पर सफाई नहीं होने पर आसपास गंदगी और दुर्गंध फैलने के साथ-साथ बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में उन्होंने नगर निगम से सफाई व्यवस्था को लेकर स्पष्ट नीति बनाने और मंडी को नियमित रूप से लगाने की अनुमति देने की मांग की है।
शनिवार को सेक्टर-14 में किसान मंडी नहीं लगने से यहां खरीदारी करने आने वाले लोगों को भी परेशानी हुई। विक्रेताओं ने निगम के फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विवाद का जल्द समाधान किया जाना चाहिए, ताकि मंडी की व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके। अब दोनों पक्षों के बीच सफाई की जिम्मेदारी को लेकर चल रहा विवाद किस तरह सुलझता है, इस पर सभी की नजर है।