Summer express, यमुनानगर। आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज करने वाले प्रदेश के करीब 480 अस्पतालों का लगभग 1200 करोड़ रुपये का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) का दावा है कि कई अस्पतालों के क्लेम छह महीने से अधिक समय से लंबित हैं। भुगतान में देरी के कारण अस्पताल संचालकों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है और अब आईएमए ने सरकार से जल्द लंबित राशि जारी करने की मांग की है।
आईएमए ने आयुष्मान हरियाणा के सीईओ को पत्र भेजकर अस्पतालों के बकाया क्लेम का शीघ्र भुगतान करने की मांग की है। संगठन के अनुसार, आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों द्वारा किए गए क्लेम का भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के मुताबिक 15 दिन के भीतर किया जाना चाहिए, लेकिन कई मामलों में छह महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ है।
आईएमए का कहना है कि लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने के कारण कई अस्पतालों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। अस्पतालों के लिए आयुष्मान योजना के लाभार्थियों का इलाज जारी रखना भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। संगठन ने दावा किया कि आर्थिक संकट के चलते हाल ही में एक अस्पताल को बंद तक करना पड़ा।
लंबित भुगतान को लेकर आईएमए ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है। संगठन के अनुसार, यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाया तो एक सितंबर की रात 12 बजे से 24 घंटे के लिए आयुष्मान सेवाएं सांकेतिक रूप से बंद रखी जाएंगी। इसके बाद भी भुगतान की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 16 सितंबर की रात 12 बजे से आयुष्मान योजना के तहत सेवाएं पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दी गई है।
आईएमए की राज्य प्रधान डॉ. सुनीला सोनी ने कहा कि प्रदेश के करीब 480 अस्पतालों का लगभग 1200 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। उन्होंने सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की, ताकि अस्पतालों को बकाया राशि मिल सके और मरीजों को इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को निर्बाध उपचार उपलब्ध कराने के लिए अस्पतालों के लंबित क्लेम का भुगतान जल्द किया जाना जरूरी है। साथ ही भविष्य में क्लेम का भुगतान निर्धारित समय सीमा में सुनिश्चित करने के लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।