Summer express, मोनिका रावत, चंडीगढ़। सेक्टर-39 स्थित नई अनाज, फल एवं सब्जी मंडी में फल और सब्जी कारोबार के लिए बनाई गई 23 एससीओ साइटों की एक बार फिर ई-नीलामी होने जा रही है। स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड, यूटी चंडीगढ़ ने साइट नंबर 24 से 46 तक की इन साइटों को लीज होल्ड आधार पर आवंटित करने के लिए ई-नीलामी कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस बार साइटों के आरक्षित मूल्य में बड़ा इजाफा किया गया है। सभी 23 साइटों का कुल आरक्षित मूल्य 122 करोड़ आठ लाख 44 हजार 761 रुपये रखा गया है। प्रत्येक साइट का आरक्षित मूल्य 5,30,80,207 रुपये, यानी करीब 5.30 करोड़ रुपये है।
बोर्ड की ओर से जारी विज्ञापन के अनुसार सभी साइटों का आकार 5.48 मीटर x 18.29 मीटर है। इस हिसाब से प्रत्येक साइट करीब 100.23 वर्ग मीटर अथवा 119.874 वर्ग गज की है। प्रत्येक साइट के लिए 10,61,604 रुपये की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (ईएमडी) निर्धारित की गई है। 23 साइटों के लिए कुल ईएमडी राशि करीब 2.44 करोड़ रुपये होगी। साइट नंबर 24 और 46 कॉर्नर साइट होने के कारण इन पर पांच प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी लागू होगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि विज्ञापन में दिया गया क्षेत्रफल अनुमानित है और कब्जा सौंपते समय इसमें बदलाव संभव है।
पिछले साल 3.70 करोड़ था आरक्षित मूल्य
सेक्टर-39 मंडी की इन साइटों की पहली ई-नीलामी मार्च 2025 में की गई थी। उस समय प्रत्येक साइट का आरक्षित मूल्य 3.70 करोड़ रुपये रखा गया था। 31 मार्च 2025 को हुई ई-नीलामी में 23 में से 12 साइटों के लिए बोली प्राप्त हुई थी। हालांकि बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के कारण आवंटन प्रक्रिया पर रोक लग गई थी। दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 12 सफल बोलीदाताओं को आवंटन का रास्ता साफ हुआ।
अब इन्हीं साइटों की नई ई-नीलामी में आरक्षित मूल्य बढ़ाकर 5.30 करोड़ रुपये से अधिक कर दिया गया है। यानी पिछले आरक्षित मूल्य की तुलना में प्रत्येक साइट के लिए करीब 1.61 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। प्रतिशत के हिसाब से यह वृद्धि करीब 43.46 प्रतिशत है। ऐसे में इस बार ई-नीलामी में साइटों को लेकर कारोबारियों और अन्य संभावित बोलीदाताओं के बीच खासा आकर्षण रहने की संभावना है।
27 से 29 सितंबर तक चलेगी ई-नीलामी
बोर्ड के कार्यक्रम के मुताबिक ई-नीलामी का विज्ञापन एक सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे जारी किया जाएगा। इच्छुक बोलीदाता एक सितंबर सुबह 11 बजे से 22 सितंबर शाम पांच बजे तक दस्तावेज और ईएमडी जमा कर सकेंगे। दस्तावेजों और ईएमडी की स्वीकृति की प्रक्रिया 25 सितंबर सुबह नौ बजे से 26 सितंबर शाम पांच बजे तक चलेगी। इसके बाद 27 सितंबर सुबह 10 बजे से 29 सितंबर सुबह 11 बजे तक ई-नीलामी आयोजित की जाएगी।
आनलाइन पंजीकरण जरूरी
ई-नीलामी में हिस्सा लेने के लिए बोलीदाताओं को eauction.gov.in/eauction पोर्टल पर ‘Bidder Enrolment’ के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कोई भी भौतिक आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। आनलाइन दस्तावेज जमा करने के लिए डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) अनिवार्य होगा। पंजीकरण के बाद डीएससी को बोलीदाता की प्रोफाइल से जोड़ना होगा। एक बोलीदाता केवल एक वैध डीएससी पंजीकृत कर सकता है और उसे किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा करने की अनुमति नहीं होगी। अधूरे दस्तावेजों वाले आवेदन सीधे खारिज कर दिए जाएंगे।
7 और 8 सितंबर को प्री-बिड सेमिनार
ई-नीलामी की प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं को समझाने के लिए 7 और 8 सितंबर को दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक प्री-बिड सेमिनार आयोजित किया जाएगा। यह सेमिनार स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड, चंडीगढ़ के कार्यालय में होगा। इच्छुक बोलीदाता इसमें हिस्सा लेकर ई-नीलामी से संबंधित अपनी शंकाओं का समाधान कर सकेंगे।
साइटों की लोकेशन, लेआउट और जोनिंग एवं कंट्रोल संबंधी जानकारी शहरी नियोजन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। बोर्ड ने ई-नीलामी की पूरी प्रक्रिया, नियम एवं शर्तें और विस्तृत दिशा-निर्देश भी ऑनलाइन जारी किए हैं।