Summer express/शिमला -: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम देशभर में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे लोगों को पहचान दिलाने और दूसरों को प्रेरित करने का प्रभावी माध्यम बन चुका है।जयराम ठाकुर ने कहा कि भारत की युवा शक्ति और प्रतिभा के सामने नशा एक गंभीर चुनौती बनकर उभर रहा है। हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में भी नशे का प्रसार चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्रतिबद्धता स्पष्ट है। इस चुनौती से निपटना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को जन आंदोलन का रूप देना होगा। जब केंद्र सरकार के प्रयासों से नक्सलवाद जैसी गंभीर चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है, तो सामूहिक प्रयासों से नशे के खिलाफ भी निर्णायक सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में नशा बीते दौर की बात बनेगा, लेकिन इसके लिए हर नागरिक और हर हिमाचली को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस बार ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने इतिहास, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की। देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग अपनी पहल से जिस तरह विरासत और समाज के लिए काम कर रहे हैं, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना सराहनीय है।उन्होंने जन्माष्टमी के अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा ‘लोकल फॉर वोकल’ को बढ़ावा देने के आह्वान का भी स्वागत किया। ठाकुर ने कहा कि स्थानीय उत्पादों और प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लोगों को स्थानीय उत्पाद खरीदकर स्थानीय अर्थव्यवस्था और कारीगरों के प्रयासों को मजबूत करना चाहिए।उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ अब करोड़ों देशवासियों को जोड़ने वाला प्रेरणादायी मंच बन चुका है।