Summer express/चिंतपूर्णी, विकास-: प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी के दरबार में श्रावण अष्टमी मेले के समापन के बाद भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। रविवार को सुबह से ही देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु माता रानी के दर्शन के लिए चिंतपूर्णी पहुंचते रहे। देखते ही देखते मंदिर मार्ग पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं और डबल लाइन माधो टिल्ला तक पहुंच गई।देर शाम तक 25 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माता श्री चिंतपूर्णी के दरबार में शीश नवाया। मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र दिनभर माता के जयकारों से गूंजता रहा। भारी भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं में दर्शन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
माता रानी के पावन पिंडी रूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को करीब तीन से चार घंटे तक कतार में इंतजार करना पड़ा। तेज भीड़ और लंबी लाइन के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी जरूर हुई, लेकिन आस्था के आगे उनकी थकान भी कम नजर आई। कई श्रद्धालु परिवार सहित घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे।श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह सक्रिय रही। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। बाजार में दुकानों के भीतर से शॉर्टकट लेकर मुख्य दर्शन लाइन में प्रवेश करने की कोशिश करने वालों पर भी सुरक्षाकर्मियों की नजर रही। प्रशासन का प्रयास रहा कि श्रद्धालुओं की आवाजाही निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही हो और किसी तरह की अव्यवस्था पैदा न हो।मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए मंदिर न्यास की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सुविधाजनक और व्यवस्थित तरीके से दर्शन करवाने के लिए कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे।श्रावण अष्टमी मेले के बाद भी उमड़ी यह भीड़ चिंतपूर्णी धाम में श्रद्धालुओं की अटूट आस्था को दर्शाती है।