Summer express , चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन हुए विवाद को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा और तेज कर दिया है। सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को तीन पन्नों का ज्ञापन सौंपकर 27 अगस्त को विधानसभा परिसर के बाहर विधायकों के साथ कथित धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार की शिकायत की।
कांग्रेस विधायकों ने ज्ञापन में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा भविष्य में विधायकों की सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार करने की मांग की।
27 अगस्त को मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायक बेरोजगारी, महंगाई, कानून व्यवस्था, हरियाणा कौशल रोजगार निगम की नीतियों, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और मंदिरों में चंदा चोरी समेत कई मुद्दों को लेकर विधानसभा परिसर की ओर मार्च कर रहे थे। कांग्रेस का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस और विधानसभा सुरक्षा कर्मियों ने विधायकों को प्रवेश द्वार पर रोक दिया और उनके साथ धक्का-मुक्की की।
कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल को बताया कि विधायक सुरक्षा जांच पूरी करने के बाद विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे। उनका आरोप है कि प्रवेश बिंदु पर मौजूद सुरक्षा बल ने उन्हें आगे जाने से रोकने के लिए बल का इस्तेमाल किया। पार्टी ने इसे निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।
ज्ञापन में कांग्रेस की ओर से घटनाक्रम से जुड़े फोटो और अन्य दृश्य प्रमाण भी सौंपे गए। विधायकों ने राज्यपाल से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने और लोकतांत्रिक मर्यादाओं की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
कांग्रेस का कहना है कि विधानसभा परिसर में विधायकों के साथ हुए व्यवहार का जवाब मिलना जरूरी है। वहीं, इस मुद्दे को लेकर मानसून सत्र में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ने के आसार हैं।