गुरशरण सिंह |सुरिंदर सिंह अंकुश
समर न्यूज | मोहाली
मोहाली शहर जो अपने पार्कों और हरियाली के लिए मशहूर है अब अपने उन्हीं पार्कों की दुर्दशा के दिन देख रहा है। इस शहर में 500 से भी अधिक छोटे बड़े पार्क हैं। इनमें 11 एकड़ में फैला सेक्टर-68 स्थित सिटी पार्क का खास स्थान रहा है। कभी इस पार्क का फव्वारा यहां आने वाले लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र हुआ करता था, लेकिन लंबे समय से बंद पड़ा यह फव्वारा अब बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है।
पार्क में सुबह सवेरे नियमित सैर और बच्चों के साथ समय बिताने आने वाले गुरमीत सिंह बैदवान, कुलविंदर सिंह रंधावा, राम सहाय, ग्रीश चावला, कुलदीप सिंह, चरणजीत कौर, गुरमीत कौर, सतपाल कौर तूर, ममता शर्मा का कहना है कि फव्वारे की खराब हालत के कारण पार्क की सुंदरता भी प्रभावित हुई है।
सार्वजनिक रिकॉर्ड के मुताबिक, सेक्टर-68 समेत कई नए सेक्टरों के पार्कों और अन्य सुविधाओं के रखरखाव की जिम्मेदारी क्रमश वर्ष 2017 से 2021 तक गमाडा से मोहाली नगर निगम को दी गई थी। उस समय तक इस पार्क में लगे फव्वारे चालू रहते थे और बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने आते थे। नगर निगम मोहाली के द्वारा इनके रखरखाव को आउट सोर्स किया गया और करोड़ों रुपये सालाना का खर्च इस कार्य के लिए किया गया। इतना कुछ होने के बावजूद फव्वारे के बंद होने और पार्क के रखरखाव को लेकर शिकायतें सामने आने लगी थीं।
बिना योजना शुरु किया काम, अभी तक अधूरा
जानकारी के अनुसार 6 मार्च 2024 को सिटी पार्क में फव्वारों को दुरुस्त करने का काम शुरू किया गया था, लेकिन ढाई साल होने के बावजूद आजतक पूरा नहीं हो सका। संबंधित ठेकेदार का कहना है कि सिटी पार्क के फव्वारे के लिए करीब आठ लाख रुपये का काम मिला था। फव्वारे संचालित करने के लिए आपरेटर रूम भी बनाया गया, जिसका भुगतान नहीं हुआ। नगर निगम द्वारा ठेकेदार को फव्वारों के सही प्रचालन के लिए आधरभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई गईं, जिसके चलते काम अभी तक अधूरा हैं। पार्क में जो फव्वारे लगाए गए थे, वे भी अब गायब हैं।
टूटी टाइलें, ताल में भरा गंदा जल
पार्क में फव्वारों के लिए बनाये गये ताल में बारिश का बदूबदार पानी भरा पड़ा है। इसमें मच्छरों के लारवा पनप रहे हैं जो शहर में डेंगू और मलेरिया का कारण बन रहें हैं। ताल के आसपास टाईलें टूटी पड़ी हैं। घनी उगी झाड़ियां नशेड़ियों व अराजक तत्वों के लिए शरणस्थली बन चुकी हैं। लगता है नगर पालिका किसी अनहोनी के इंतजार में हैं क्योंकि ताल में भरा जल बिना किसी सुरक्षा बंदोबस्त के है और इसमें कभी भी कोई छोटा बच्चा डूब सकता है।
बारिश में छप्पड़ बन जाता है बंद फव्वारा
मच्छरों का बढ़ा खतरा : पार्षद परविंदर कौर
वार्ड नंबर 27 की पार्षद परविंदर कौर ने कहा कि बारिश के दिनों में बंद पड़े फव्वारे वाले हिस्से में पानी जमा हो जाता है। उन्होंने चिंता जताई कि बच्चे कई बार इस पानी में उतर जाते हैं और लंबे समय तक पानी जमा रहने से मच्छरों के पनपने का खतरा भी बढ़ता है। उनका कहना है कि पार्क में स्वास्थ्य लाभ के लिए सैर करने आने वाले लोगों के लिए ऐसी स्थिति चिंता का विषय है। सिटी पार्क के फव्वारे के लंबे समय से बंद और खराब हालत में होने का उल्लेख मिलता रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि मरम्मत शुरू होने के बावजूद फव्वारा दोबारा कब चालू होगा।
नगर निगम के चक्कर काटते रहे, फव्वारे की मरम्मत अब तक अधूरी: कुलविंदर सिंह संजू
वार्ड नंबर 27 की पार्षद परविंदर कौर के पति कुलविंदर सिंह संजू का कहना है कि यह काम लंबे समय से लंबित पड़ा है। समस्या के समाधान के लिए वे कई बार नगर निगम के चक्कर लगा चुके हैं और संबंधित एसडीओ से भी जानकारी तथा कार्रवाई की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस बीच पुराने एसडीओ का तबादला हो चुका है। वहीं नए एसडीओ का कहना है कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि विभागीय अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं, जबकि पार्क और फव्वारे की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
गमाडा के दौर में चलते सिटी पार्क में फव्वारे
सिटी पार्क के ताल में गंदे पानी में जमी काई
ताल में गंदे पानी में कूदते बच्चे।