समर न्यूज | चंडीगढ़
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फसल अवशेष यानी पराली के टिकाऊ प्रबंधन के लिए भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के साथ मिलकर काम करने की जरूरत बताई है।
उन्होंने कहा कि उद्योग जगत की विशेषज्ञता, नई तकनीक और संसाधनों का इस्तेमाल कर पराली प्रबंधन की समस्या का व्यावहारिक समाधान तलाशा जा सकता है। मान ने बुधवार को सीआईआई के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में यह बात कही। उन्होंने टिकाऊ विकास, संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल, जलवायु अनुकूल तकनीक और हरित प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पंजाब को देश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाने और कारोबार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने पर काम कर रही है। बैठक में बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए ज्ञान और तकनीक के आदान-प्रदान पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और कृषि क्षेत्र में नए अवसर पैदा करना है।
{कौशल विकास पर जोर: मान ने युवाओं को उद्योगों की जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने लुधियाना में प्रस्तावित बहु-कौशल प्रशिक्षण संस्थान और जालंधर में तकनीकी वस्त्रों के लिए आधुनिक प्रयोगशाला वाले उत्कृष्टता केंद्र जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। बैठक में पंजाब में नए निवेश आकर्षित करने और युवाओं के लिए अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने पर भी विचार हुआ। सीआईआई के साथ सहयोग को कृषि, पर्यावरण और औद्योगिक विकास के बीच बेहतर तालमेल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।