एजेंसी। वाशिंगटन
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) ने सिख व्यक्ति को निशाना बनाती दिख रही विवादित सोशल मीडिया पोस्ट को हटा दिया है। पोस्ट में ‘मिस्टर सिंह’ को अमेरिका की सड़कों से हटने और खुद देश छोड़ने की सलाह दी गई थी। इसमें ‘ट्रांसफॉर्मर्स’ के पात्र ऑप्टिमस प्राइम की कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था।
पोस्ट पर भारतीय-अमेरिकी और सिख संगठनों ने नस्ली भेदभाव और समुदाय विशेष को बदनाम करने का आरोप लगाया। डीएचएस की पोस्ट में दाढ़ी और सिर ढके एक व्यक्ति को दिखाते हुए संदेश दिया गया था कि वह सड़कों से हट जाए क्योंकि वह गाड़ी चलाना नहीं जानता। साथ ही ‘खुद निर्वासित हों या परिणाम भुगतें’ जैसा संदेश भी था।
यह पोस्ट ट्रंप प्रशासन की अवैध आव्रजन और बिना वैध अनुमति वाले वाणिज्यिक चालकों के खिलाफ अभियान का हिस्सा थी। विभाग ‘सीबीपी होम’ कार्यक्रम के जरिये पात्र अवैध प्रवासियों को स्वेच्छा से अमेरिका छोड़ने के
लिए यात्रा सहायता और 2,600 डॉलर तक की राशि देने की बात कह रहा है।
{हरजिंदर सिंह का दिया संदर्भ: विवाद के बाद डीएचएस ने कहा कि पोस्ट में किसी पूरे सिख समुदाय को निशाना नहीं बनाया गया था, बल्कि भारतीय नागरिक हरजिंदर सिंह का संदर्भ था। हरजिंदर पर फ्लोरिडा में ट्रक हादसे में तीन लोगों की मौत से जुड़े वाहन हत्या और गैर इरादतन हत्या के आरोप हैं। उन्होंने आरोपों से इनकार किया है। विभाग ने आलोचना को ‘निरर्थक बयानबाजी’ करार दिया।
{संगठनों ने जताई आपत्ति: सिख और हिंदू-अमेरिकी संगठनों ने कहा कि ‘सिंह’ लाखों लोगों का उपनाम है और किसी एक मामले को पूरे समुदाय से जोड़ना अनुचित है। कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूजम समेत कई नेताओं ने भी पोस्ट की आलोचना की। सिख संगठनों ने 11 सितंबर के हमलों की बरसी के आसपास ऐसी पोस्ट किए जाने पर विशेष चिंता जताई।
{एसजीपीसी ने भी जताई कड़ी नाराजगी: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने भी कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने इस संबंध में दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास को पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज कराई है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से भी इस मामले को कूटनीतिक स्तर पर अमेरिकी सरकार के समक्ष उठाने की अपील की है।