मोनिका रावत ,चंडीगढ़। चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलाजी प्रमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) के 75.4 करोड़ रुपये के घोटाले में सीबीआइ ने शुक्रवार को चंडीगढ़ कोर्ट चार्जशीट दाखिल कर दी। चार्जशीट में क्रेस्ट के तत्कालीन सीईओ और आइएफएस अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव, विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड और उसकी निदेशक को आरोपित बनाया गया है। कंपनी की निदेशक नवनीत श्रीवास्तव की पत्नी है। सीबीआइ ने आरोपितों के खिलाफ आपराधिक साजिश, सबूत नष्ट करने, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज को असली के तौर पर इस्तेमाल करने सहित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप लगाए हैं।
जांच में सामने आया कि क्रेस्ट के सीईओ रहते नवनीत श्रीवास्तव ने अन्य आरोपितों के साथ मिलकर साजिश रची और आइडीएफसी फर्स्ट बैंक के खातों से क्रेस्ट के फंड का गबन किया। सीबीआइ के अनुसार उन्होंने लोकसेवक के पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध रकम भी हासिल की। उनकी पत्नी को घोटाले की रकम में से 95 लाख रुपये मिले, जिसका इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने में किया गया।
इस मामले में नवनीत श्रीवास्तव को सीबीआइ पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और वह न्यायिक हिरासत में हैं। इससे पहले सीबीआइ इस मामले में 13 अन्य आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
504 करोड़ के बैंक घोटाले से जुड़ा मामला
यह मामला आइडीएफसी फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32 शाखा में हुए बड़े बैंकिंग घोटाले से जुड़ा है। इसी घोटाले में हरियाणा सरकार के आठ विभागों से करीब 504 करोड़ रुपये फर्जी तरीकों से निकाले गए थे। हरियाणा मामले में सीबीआइ अब तक 37 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।