जंगलों से सटे इलाकों में सख्ती, 55 हजार हेक्टेयर जमीन से जुड़ी है नीति
समर न्यूज | चंडीगढ़
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने पंजाब सरकार की लो इम्पैक्ट ग्रीन हैबिटेट (एलआईजीएच) नीति-2025 पर लगी अंतरिम रोक को आगे बढ़ा दिया है।
इस फैसले के बाद जंगलों से सटे उन क्षेत्रों में फार्महाउस के निर्माण या पहले से बने ढांचों के नियमितीकरण की अनुमति नहीं दी जा सकेगी, जिन पर यह नीति लागू होती है। मामले की अगली सुनवाई 14 दिसंबर को होगी। यह नीति पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम (पीएलपीए), 1900 के दायरे से बाहर की गई करीब 55,000 हेक्टेयर जमीन से संबंधित है। यह जमीन मोहाली, रोपड़, नवांशहर, होशियारपुर और गुरदासपुर जिलों में है। नीति के तहत जंगलों से लगे इलाकों में कम प्रभाव वाले आवासीय ढांचे को मंजूरी और पहले से बने निर्माण को नियमित करने का प्रावधान किया गया था। एनजीटी ने दिसंबर 2025 में पहली बार इसके क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगाई थी।
राज्य सरकार की ओर से रोक हटाने का अनुरोध किया गया। सरकार ने बताया कि नीति में संशोधन कर व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाई गई है और पीएलपीए के तहत आने वाली तथा उससे बाहर की गई जमीन की सीमांकन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। हालांकि, अधिकरण ने सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए कहा और रोक को जारी रखा।