एजेंसी | नई दिल्ली
अक्टूबर की शुरुआत के साथ देश में आम लोगों, कारोबारियों और बैंक ग्राहकों से जुड़े कई नियम और दरें बदल गई हैं। इनमें कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर, विमान ईंधन, यूपीआई भुगतान, एसबीआई एटीएम, एनपीएस और बड़ी सावधि जमा से जुड़े बदलाव प्रमुख हैं। त्योहारी सीजन शुरू होने के कारण इनका असर कारोबार और उपभोक्ताओं के बजट पर पड़ सकता है।
हालांकि सभी बदलावों का सीधा असर आम ग्राहक पर नहीं पड़ेगा। तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 62.50 रुपये बढ़ाकर 2,810 रुपये कर दी है। कोलकाता में यह बढ़ोतरी 70 रुपये और नई कीमत 2,954 रुपये है, जबकि मुंबई में 63.50 रुपये की वृद्धि के बाद सिलेंडर 2,764.50 रुपये का हो गया है। चेन्नई में नई कीमत 2,983 रुपये है। इसके विपरीत घरेलू इस्तेमाल वाले 14.2 किलो के सिलेंडर की कीमत 942 रुपये पर स्थिर रखी गई है। कमर्शियल गैस महंगी होने से होटल, रेस्तरां और कैटरिंग कारोबार की लागत बढ़ सकती है। इसी तरह घरेलू विमान सेवाओं के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी एटीएफ की कीमत करीब 16 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 137 रुपये कर दी गई है।
यूपीआई और एसबीआई एटीएम में बदलाव: 15 अक्टूबर से निर्धारित श्रेणी के 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई कारोबारी लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू होगा। यह शुल्क ग्राहक के बजाय संबंधित व्यापारी पर होगा। व्यक्तिगत व्यक्ति से व्यक्ति होने वाले यूपीआई भुगतान पर इसका असर नहीं पड़ेगा। छोटे कारोबारियों के लिए भी अलग प्रावधान किए गए हैं। एसबीआई के सैलरी पैकेज खाताधारकों के लिए दूसरे बैंकों के एटीएम से मुफ्त लेनदेन की सीमा एक अक्टूबर से 10 से घटाकर पांच कर दी गई है।
एलपीजी सब्सिडी के लिए आधार सत्यापन
सब्सिडी वाले एलपीजी कनेक्शन के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन यानी ई-केवाईसी की आवश्यकता लागू की गई है। जिन उपभोक्ताओं का सत्यापन पूरा नहीं है, उन्हें सब्सिडी का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। आधार प्रमाणीकरण में ओटीपी या बायोमेट्रिक जैसे माध्यम इस्तेमाल किए जा सकते हैं। उपभोक्ताओं को अपने गैस कनेक्शन की स्थिति संबंधित गैस कंपनी के माध्यम से जांच लेने की सलाह दी गई है।
}एनपीएस और एफडी के नियम
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली में एक अक्टूबर से पॉइंट ऑफ प्रेजेंस के जरिए नए जुड़ने वालों के लिए प्रति स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या 200 रुपये का एकमुश्त पंजीकरण शुल्क लागू किया गया है। शुल्क ढांचे में अन्य बदलाव भी किए गए हैं। बैंकों के लिए बड़ी सावधि जमाओं की ब्याज दरों को लेकर भी नई पारदर्शिता व्यवस्था लागू हुई है। बैंकों को ऐसी जमाओं की दरों को नियमित रूप से सार्वजनिक करना होगा और एक ही तारीख पर स्वीकार की गई समान श्रेणी की जमा पर एक जैसी दर लागू करने की व्यवस्था की गई है।
}एसी-टीवी समेत उपकरण महंगे
त्योहारी खरीदारी से पहले कई उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों ने एसी, टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन की कीमतें बढ़ाने की तैयारी की है। उद्योग से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक कुछ श्रेणियों में कीमतें करीब 3 से 8 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं। कॉपर, स्टील, एल्युमीनियम, प्लास्टिक, माल ढुलाई
की लागत और रुपये की विनिमय दर में बदलाव को इसकी प्रमुख वजह बताया गया है। बढ़ोतरी हर कंपनी और मॉडल पर समान नहीं होगी।