1-2 दिसंबर को दिल्ली महापड़ाव में हिमाचल से जाएंगे 1,000 आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स
Summer express/हमीरपुर /अरविंद-:आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन संबंधित सीटू हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी की बैठक रविवार को कॉमरेड ज्योति बासु भवन, हमीरपुर में प्रदेशाध्यक्ष नीलम जसवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में आंगनबाड़ी कर्मियों की लंबित मांगों, प्रदेश सरकार की ओर से बजट में की गई घोषणाओं को लागू करने, 8 जून को शिमला में किए गए प्रदर्शन तथा 20 अगस्त 2026 को निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपे गए मांग-पत्र पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक को सीटू राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर ठाकुर, सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, यूनियन अध्यक्ष नीलम जसवाल और महासचिव वीना शर्मा ने संबोधित किया।
छह माह बाद भी लागू नहीं हुई ₹1,000 की बढ़ोतरी
बैठक में यूनियन ने प्रदेश सरकार पर बजट घोषणा को लागू करने में देरी का आरोप लगाया। यूनियन नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बजट में आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स के मानदेय में ₹1,000 प्रतिमाह की वृद्धि की घोषणा की थी। घोषणा के करीब छह माह बीत जाने के बावजूद अभी तक इसका लाभ कर्मियों को नहीं मिला है। यूनियन ने सरकार से मांग की कि बढ़े हुए मानदेय को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और कर्मियों को इसका एरियर भी प्रदान किया जाए।
यूनियन नेताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को गांव-गांव और जमीनी स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य, टीकाकरण तथा महिलाओं और बच्चों से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों का दर्जा, सम्मानजनक वेतन तथा पर्याप्त सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
23 अक्तूबर को पूरे प्रदेश में प्रदर्शन का निर्णय
बैठक में निर्णय लिया गया कि ₹1,000 मासिक मानदेय वृद्धि की बजट घोषणा को लागू करने सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर 23 अक्तूबर 2026 को पूरे हिमाचल प्रदेश में प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किए जाएंगे। यूनियन ने सभी जिलों और परियोजना स्तर पर आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। नेताओं ने कहा कि सरकार की ओर से मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।बैठक में 8 जून 2026 को शिमला में किए गए राज्यव्यापी प्रदर्शन और इसके बाद 20 अगस्त को निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपे गए मांग-पत्र की भी समीक्षा की गई। यूनियन का कहना है कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से कर्मियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं को सरकार के समक्ष उठाया गया, लेकिन अभी तक कई मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
यूनियन की प्रमुख मांगों में बजट में घोषित ₹1,000 मासिक मानदेय वृद्धि को तत्काल लागू करना, आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स को नियमित कर्मचारी का दर्जा देना, सम्मानजनक वेतन एवं मानदेय सुनिश्चित करना, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं देना तथा ग्रेच्युटी का लाभ प्रदान करना शामिल है। इसके अलावा विभागीय कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध करवाने और आंगनबाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई।
अतिरिक्त कार्यभार और सुविधाओं को लेकर भी रोष
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के बढ़ते कार्यभार और कर्मियों से करवाए जा रहे अतिरिक्त कार्यों पर भी चिंता जताई गई। यूनियन ने कहा कि वर्कर्स एवं हेल्पर्स से उनके निर्धारित दायित्वों के अतिरिक्त भी विभिन्न कार्य करवाए जाते हैं। ऐसे अतिरिक्त कार्यों के लिए उचित व्यवस्था और पारिश्रमिक सुनिश्चित किया जाना चाहिए। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में पर्याप्त पोषण सामग्री, आवश्यक आधारभूत सुविधाएं तथा सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां उपलब्ध करवाने की मांग की गई।
दिल्ली महापड़ाव में हिमाचल से 1,000 कर्मी होंगे शामिल
बैठक में सीटू के राष्ट्रीय आह्वान पर 1 और 2 दिसंबर 2026 को दिल्ली में प्रस्तावित महापड़ाव की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। यूनियन ने निर्णय लिया कि हिमाचल प्रदेश से करीब 1,000 आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स दिल्ली महापड़ाव में भाग लेंगे। इस दौरान केंद्र सरकार के समक्ष आंगनबाड़ी कर्मियों की लंबित मांगों को मजबूती से उठाया जाएगा।सीटू नेताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मियों की समस्याएं केवल वेतन और मानदेय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह देश की महिला एवं बाल कल्याण व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। आंगनबाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कर्मियों को सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा, बेहतर कार्य परिस्थितियां और सेवा की सुरक्षा उपलब्ध करवाना जरूरी है।
सीटू राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर ठाकुर और प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को आंगनबाड़ी कर्मियों की लंबित मांगों को प्राथमिकता के आधार पर हल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 23 अक्तूबर का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन और 1-2 दिसंबर का दिल्ली महापड़ाव कर्मियों की आवाज को मजबूती से उठाने के लिए महत्वपूर्ण कार्यक्रम होंगे।यूनियन महासचिव वीना शर्मा ने कहा कि आगामी दिनों में जिला, परियोजना और केंद्र स्तर पर व्यापक अभियान चलाकर आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स को लामबंद किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स से 23 अक्तूबर के प्रदर्शन और दिल्ली महापड़ाव में बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया।बैठक में प्रदेश सरकार से मांग की गई कि बजट में घोषित ₹1,000 मासिक मानदेय वृद्धि को तत्काल लागू करने के साथ-साथ 8 जून और 20 अगस्त को उठाई गई सभी लंबित मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई की जाए।