summer express,लंदन। ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस को निशाना बनाने की कथित ईरानी साजिश के बीच एक नई अज्ञात धमकी सामने आने के बाद अमेरिका ने वहां तैनात अपने सभी लंबी दूरी के बॉम्बर विमानों को वापस अमेरिका स्थित उनके होम बेस पर बुला लिया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।
अधिकारी के मुताबिक, RAF फेयरफोर्ड में तैनात सभी अमेरिकी बॉम्बर विमान अब अमेरिका लौट चुके हैं। हालांकि, अधिकारी ने नई धमकी की प्रकृति या विमानों को वापस बुलाने के सटीक कारण के बारे में जानकारी नहीं दी। CNN के एक सूत्र ने इसे वास्तविक घटना से जुड़ी धमकी बताया है। सूत्र के अनुसार, बॉम्बर विमानों को किसी दूसरे क्षेत्रीय सैन्य अड्डे पर भेजने के बजाय सीधे अमेरिका स्थित होम बेस पर वापस बुलाना असामान्य कदम माना जा रहा है।
RAF फेयरफोर्ड का इस्तेमाल अमेरिकी सेना के लंबी दूरी के अभियानों के लिए किया जाता है। यहां ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में शामिल B-1 बॉम्बर विमानों की तैनाती भी की जाती रही है। यह बेस अमेरिकी ग्लोबल स्ट्राइक कमांड के लिए महत्वपूर्ण ऑपरेशनल लोकेशन माना जाता है।
यह घटनाक्रम उस कार्रवाई के कुछ दिन बाद सामने आया है, जब ब्रिटिश अधिकारियों ने एयरबेस को निशाना बनाने की कथित साजिश के मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया था। 27 सितंबर को RAF फेयरफोर्ड के पास आतंकवाद और विस्फोटक से जुड़े अपराधों के संदेह में पांच लोगों को हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस ने बताया था कि घटनास्थल से बरामद तीन वैन में कोई विस्फोटक नहीं मिला था।
इसके बाद एक 25 वर्षीय ब्रिटिश-ईरानी दोहरी नागरिकता वाले व्यक्ति को भी कथित साजिश के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया। ईरान ने मामले में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार करते हुए आरोपों को बेबुनियाद बताया है।