summer express,चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस में 2029 के विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरे को लेकर अंदरूनी बहस तेज होती नजर आ रही है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता कुलदीप शर्मा ने पार्टी नेतृत्व को पत्र लिखकर चुनाव से पहले किसी एक नेता को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में प्रोजेक्ट करने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पार्टी से सामूहिक नेतृत्व के साथ चुनाव मैदान में उतरने और मुख्यमंत्री पद का फैसला चुनाव के बाद केंद्रीय नेतृत्व पर छोड़ने की अपील की है।
कुलदीप शर्मा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र भेजा है, जिसकी प्रतियां हरियाणा कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त, प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को भी भेजी गई हैं। पत्र में उन्होंने कांग्रेस नेता सचिन पायलट के उस विचार का उल्लेख किया है, जिसमें चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ने और राहुल गांधी के नेतृत्व में अभियान आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। शर्मा ने इसे कांग्रेस की राजनीतिक सोच और संगठन के हित में बताते हुए हरियाणा में भी इसी मॉडल को अपनाने की पैरवी की है।
शर्मा का तर्क है कि चुनाव से काफी पहले किसी एक नेता को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने से पार्टी का पूरा चुनावी अभियान एक व्यक्ति की छवि के इर्द-गिर्द केंद्रित हो सकता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा जैसे सामाजिक और राजनीतिक रूप से विविध राज्य में कांग्रेस को किसी एक नेता की व्यक्तिगत पहचान के बजाय पार्टी की विचारधारा, नीतियों, संगठन और सामूहिक नेतृत्व को प्राथमिकता देनी चाहिए।
पत्र में कुलदीप शर्मा ने हरियाणा में कांग्रेस के पिछले चुनावी प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी को कई बार चुनावी नुकसान उठाना पड़ा है। उनके मुताबिक, इसके पीछे कई कारण रहे हैं, जिनमें चुनाव से पहले किसी एक व्यक्ति को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में आगे करना भी शामिल है। उनका कहना है कि इससे पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं और विभिन्न सामाजिक वर्गों को साथ लेकर व्यापक राजनीतिक आधार तैयार करने की कोशिश प्रभावित हो सकती है।
कुलदीप शर्मा ने दीपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम लेकर भी 2029 के लिए मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में उन्हें प्रोजेक्ट किए जाने की कोशिश पर सवाल उठाए हैं। शर्मा के अनुसार, किसी एक नेता को लगातार केंद्र में रखने से कांग्रेस के सामूहिक राजनीतिक संदेश की जगह व्यक्तिगत ब्रांडिंग हावी हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि इससे पार्टी के भीतर अनावश्यक खींचतान बढ़ने के साथ ही अलग-अलग सामाजिक और राजनीतिक समूहों को कांग्रेस से जोड़ने की क्षमता भी सीमित हो सकती है।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस नेताओं से व्यक्तिगत नेताओं के पक्ष या विरोध में खेमेबाजी करने के बजाय संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि फिलहाल पार्टी की प्राथमिकता 2029 के विधानसभा चुनाव के लिए मजबूत संगठन और व्यापक जनाधार तैयार करना होना चाहिए। इसके लिए सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना जरूरी है।
कुलदीप शर्मा ने केंद्रीय नेतृत्व से आग्रह किया कि हरियाणा में मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर अभी से कोई फैसला न किया जाए। उनका कहना है कि कांग्रेस को 2029 का विधानसभा चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ना चाहिए और यदि पार्टी सत्ता में आती है तो मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व करे।