Summer express, मनजूर पठान, सलूणी। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के सलूणी उपमंडल के घुडेई गांव में एक भालू के खाली पानी के टैंक में फंसने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। घटना का पता चलते ही स्थानीय लोगों ने वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंची और भालू को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया।
जानकारी के अनुसार, घुडेई गांव में बने एक खाली पानी के टैंक में भालू फंस गया था। टैंक में भालू को देखकर आसपास के लोगों में चिंता बढ़ गई। ग्रामीणों को आशंका थी कि समय रहते उसे बाहर नहीं निकाला गया तो उसे चोट लग सकती है। वहीं, आबादी वाले क्षेत्र में भालू की मौजूदगी से लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई थी।
सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। ब्लॉक अधिकारी लेखराज चंदेल के नेतृत्व में रेस्क्यू अभियान चलाया गया। टीम ने सावधानीपूर्वक कार्रवाई करते हुए भालू को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
वन मंडल अधिकारी चुराह सुशील गुलेरिया ने बताया कि भालू के पानी के टैंक में फंसे होने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया। विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए भालू को रेस्क्यू कर लिया।
घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में मानव और वन्यजीवों की सुरक्षा का मुद्दा सामने ला दिया है। जंगलों के नजदीक बसे गांवों में जंगली जानवरों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में ग्रामीणों को सतर्क रहने और वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की जरूरत है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भालू जैसे जंगली जानवर के सामने अचानक आने, उसे घेरने या खुद पकड़ने का प्रयास करने से बचना चाहिए। यदि कोई वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्र में दिखाई दे या किसी स्थान पर फंस जाए, तो तुरंत वन विभाग को सूचना देनी चाहिए। प्रशिक्षित टीम ही ऐसी स्थिति में सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू की कार्रवाई कर सकती है।